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आंकड़े बता रहे 12 से 15 साल के बच्चों पर भी वायरस अटैक, इन्हें टीकाकरण के दायरे में लाना तत्काल जरूरी

रोजाना सामने आ रहे पॉजिटिव में 10 फीसदी बच्चे शामिल, गंभीर स्थिति से बचाने वैक्सीन का सुरक्षा कवच बेहद आवश्यक. कोरोना की तीसरी लहर के बाद 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों को सुरक्षा देने टीका लगाने की शुरुआत की गई है। अध्ययन बता रहा है कि जिनको भी वैक्सीन लगी है उन्हें जान का खतरा बहुत कम है। शायद यही वजह है कि हफ्तेभर में 46 फीसदी से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका है। लेकिन संक्रमितों का आंकड़ा बताता है कि एक जनवरी से मिले आमिक्रान संक्रमितों में 11 साल से अधिक उम्र के बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि टीके का दायरा 12 साल तक करने की तत्काल जरूरत है। पढ़िए पूरी ख़बर..

आंकड़े बता रहे 12 से 15 साल के बच्चों पर भी वायरस अटैक, इन्हें टीकाकरण के दायरे में लाना तत्काल जरूरी
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रायपुर: पिछले 10 दिनों में प्रदेश में केस बढ़े हैं और संक्रमित होने वालों में 10 प्रतिशत बच्चे हैं। वैक्सीन नहीं लगने की वजह से ये हाईरिस्क में शामिल हैं। दूसरी लहर में भी इस वर्ग के बच्चे काफी प्रभावित हुए थे। छोटे बच्चे घर में ही रहते हैं, मगर 12 साल तक की आयु के बच्चों का संपर्क स्कूल सहित अन्य कारणों से बाहरी लोगों से होता है, जिसकी वजह से कोरोना की हाईरिस्क में इस आयु तक बच्चे आ चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा अभी तक 15 साल के किशोर वर्ग को इसकी सुविधा दी गई है, जो महीनेभर बाद ही कोरोना की गंभीर स्थिति से सुरक्षित हो पाएंगे। पंद्रह से कम उम्र के बच्चे अभी कोरोना की गंभीर स्थिति से सुरक्षित नहीं हो पाए हैं और इसके संकेत पिछले 10 दिनों से प्रदेश में मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव में 10 फीसदी बच्चों का होना है। इसमें बड़ी संख्या में 12 से 15 साल तक की आयु के बच्चे शामिल हैं।

केवल रायपुर में इंतजाम

बच्चों के संक्रमित होने के दौरान उनके इलाज के लिए केवल रायपुर जिले में ही अलग से इंतजाम किया गया है। यहां आयुर्वेदिक काॅलेज में कोविड वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही इंडोर स्टेडियम को भी योजना में शामिल किया गया है। अन्य जिलों में बच्चों के लिए अलग से कोविड वार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है।

प्रदेशभर में करीब 500 बच्चे संक्रमित

संक्रमितों का आंकड़ा बताता है कि एक वर्ष से 20 वर्ष तक करीब 500 बच्चे और युवा संक्रमित हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि बच्चों की मृत्युदर काफी कम है। रायपुर में ही केवल रायपुर जिले के आंकड़ों को गौर करे तो पिछले 10 दिन में 250 कोरोना के शिकार हो चुके हैं। इनमें 10 साल तक की उम्र वाले बच्चों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक है। लक्षण सामान्य होने की वजह से अभी तक किसी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई है। आने वालों दिनों में कोरोना संक्रमित होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

जल्द लागू करना चाहिए

पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार बच्चे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। राहत की बात यह है कि किसी तरह के गंभीर लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं। वैक्सीन की सुविधा 12 से 15 साल के बच्चों को भी जल्द देने

की आवश्यकता है। इस आयु के बच्चे हाईरिस्क की श्रेणी में आते हैं। - डॉ. निलय मोझरकर, शिशुरोग विशेषज्ञ

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