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VIDEO: पावर प्लांट तोड़फोड़-आगजनी मामले में 400 FIR, 25 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस सुरक्षा में कलेक्टर एसपी निकले

मड़वा पावर प्लांट में तोड़फोड़ व आगजनी का मामले में अब पुलिस ने दर्जन भर लोगों को हिरासत में लिया है। आंदोलनकारियों के हमले में 25 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दर्जनभर नामजद सहित 400 लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज। 27 दिनों से जारी भू- विस्थापित संविदा कर्मचारी संघ का आंदोलन तब उग्र हो गया, जब समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में प्रतिनिधिमंडल के सामने बात नहीं बनी। पावर प्लांट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। अन्य जिलों से भी पुलिस बल मंगाया गया है। पढ़िए पूरी ख़बर.

VIDEO: पावर प्लांट तोड़फोड़-आगजनी मामले में 400 FIR, 25 पुलिसकर्मी घायल, पुलिस सुरक्षा में कलेक्टर एसपी निकले
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जांजगीर/चांपा: अटल बिहारी बाजपेई ताप विद्युत परियोजना के मड़वा गेट पर भीतर गार्ड रूम के पास कलेक्टर एसपी आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर रहे थे, तभी बाहर उग्र भीड़ नारेबाजी के साथ मुख्य गेट को तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास करने लगी। ऐसे में बड़ी संख्या में तैनात पुलिस फोर्स ने पानी बौछार कर आंदोलनकारियों को खदेड़ने का प्रयास किया। भीड़ ने बसों में तोड़फोड़ कर चार पहिया वाहन को भी आग के हवाले कर दिया। इसे नियंत्रित करने पुलिस ने लाठियां चलाई। रात तक मड़वा गेट के सामने तनाव का माहौल बना रहा। अटल बिहारी बाजपेई ताप विद्युत परियोजना मड़वा तेंदूभाटा के भू विस्थापित संविदा कर्मचारी नियमितीकरण सहित 5 सूत्रीय अन्य मांगों को लेकर पिछले 27 दिनों से आंदोलन पर हैं। सुनवाई नहीं होने पर नए साल में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी और इसी के तहत 1 जनवरी से पावर प्लांट के मुख्य द्वार के सामने बैठ कर आंदोलन किया जा रहा है। रविवार 2 जनवरी को आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि मंडल और प्लांट के अफसरों के बीच समझौता बैठक आहूत की गई थी। इस बैठक में आंदोलनकारी भूविस्थापित संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल और मडवा परियोजना के स्थानीय अधिकारियों के साथ राजधानी रायपुर से उच्च अधिकारी और एमडी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। बैठक अपराह्न 4 बजे प्रारंभ हुई। इस दौरान बाहर आंदोलनकारी अपने परिवार के साथ गेट पर डटे रहे। बताया जाता है कि इस बीच प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बात नहीं बनने संबंधी खबरों को लेकर बाहर जुटी भीड़ नारेबाजी के साथ उग्र प्रदर्शन करने लगी। स्थिति को भांपते हुए प्रबंधन द्वारा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कराया गया था। इस बीच पुलिस ने आंदोलनकारियों को खदेड़ने पानी की बौछार की तो आंदोलनकारी भड़क उठे और वे पथराव शुरू कर करते हुए बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करने लगे। इस दौरान एक बस में तोड़फोड़ हुई और एक चार पहिया वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। ऐसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस ने भी बल प्रयोग किया तो स्थिति और बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ को खदेड़ने पुलिस ने लाठियां चलाई तो आंदोलनकारियों ने भी उग्र प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पथराव किए और कुछ पुलिसवालों को घेर कर उन पर डंडे भी चलाए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला मुख्यालय से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ आला अधिकारी पहुंचे और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के साथ हालात को नियंत्रित करने में लगे रहे। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने बड़ी संख्या में पुलिस बल डटा रहा और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

घायल जवानों को बीडीएम चांपा और जिला अस्पताल में कराया भर्ती

आंदोलनकारियों द्वारा किए गए पथराव और मारपीट की घटना में पुलिस के दर्जनभर जवान घायल हुए हैं इनमें से आधा दर्जन से अधिक लोगों को बिसाहू दास महंत अस्पताल चांपा और बाकी लोगों को जिला चिकित्सालय जांजगीर में भर्ती किया गया है। घायलों में सक्ती टीआई रूपक शर्मा के साथ आधा दर्जन से अधिक अधिकारी व जवान शामिल हैं।

2 दिनों से हो रहा प्लांट गेट के सामने लंगर व प्रदर्शन

भू विस्थापित संविदा कर्मचारी संघ ने नए साल में प्लांट गेट के सामने डेरा जमा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वे थर्टी फर्स्ट की नाइट ही राशन सामान लेकर परिवार के साथ मडवा गेट के पास पहुंच गए थे और वही लंगर का आयोजन कर भोज किया जा रहा था। इस दौरान गेट बंद करके कर्मचारियों को आने जाने से भी रोक दिया गया था। बताया जाता है कि इस तरह प्रदर्शन के बाद रविवार 2 जनवरी को 4 बजे समझौता बैठक आहूत की गई थी। लेकिन बैठक के दौरान ही बाहर उग्र भीड़ और पुलिस बल के बीच टकराव हो गया। इस दौरान पथराव और आगजनी हुई तो पुलिस की ओर से लाठियां भी चली।

गार्ड रूम के पास बंधक बने कलेक्टर-एसपी

मड़वा तेंदूभाटा ताप विद्युत परियोजना में 27 दिनों से आंदोलनरत विस्थापित संविदा कर्मचारियों और प्रबंधन के साथ आयोजित समझौता बैठक में कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला एसपी प्रशांत ठाकुर के साथ जिले के पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी गए थे। बताया जाता है कि सभी अफसर गार्ड रूम के पास खड़े थे। इस दौरान आंदोलनकारियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। अफसर उन्हें समझाइश दे रहे थे, लेकिन भीड़ उग्र होने लगी और मुख्य गेट को तोड़कर भीतर घुसने का प्रयास करने लगी। ऐसी स्थिति में भीड़ को खदेड़ने बाहर से पुलिस बल ने पानी की बौछार की तो उग्र भीड़ ने पथराव कर पुलिस पर हमला कर दिया इस बीच पुलिस बल कलेक्टर एसपी को दूसरे गेट से सुरक्षित बाहर निकाल कर ले गई।

प्रशासन कर रहा था हटने की अपील

शासकीय विज्ञप्ति में कहा गया है कि नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मड़वा ताप विद्युत गृह के संविदा कर्मचारियों से आज प्रशासन ने जब कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हट जाने का आग्रह किया तो आंदोलन कारियों ने पथराव शुरू कर दिया। मड़वा प्लांट में कुछ एसे कर्मचारी फंसे थे जो ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज थे जिन्हें वहां से निकालना जरूरी था, ऐसे में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को हल्की पानी की बौछार का प्रयोग करना पड़ा। पूर्व में इन कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष से बातचीत कराए जाने का आग्रह प्रशासन से किया था, इस पर प्रशासन ने चार जनवरी का समय तय किया लेकिन कर्मचारियों का कहना था कि वार्ता और जल्दी करायी जाए। इस पर प्रशासन ने तीन जनवरी की नयी तारीख तय की, आंदोलनकारी इस पर भी राजी नहीं हुए और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज ही बातचीत कराने की जिद करने लगे।

उनकी इस जिद के बावजूद प्रशासन ने सहानुभूति पुर्वक पहल करते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी बात छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष से कराई। इसके बाद भी आंदोलनकारियों ने हटने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वो नहीं हटेंगे। इस पर जांजगीर कलेक्टर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को समझाइस दी कि उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है, चुंकि कोरोना का संक्रमण गंभीर रूप से बढ़ रहा है इसलिए वे फिलहाल आंदोलन स्थल से हट जाएं। वरिष्ठ अधिकारियों की इस समझाइस पर आंदोलनकारियों में शामिल कुछ उपद्रवी तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। देखिए वीडियो..



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