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VIDEO : कोबरा कमांडो राकेश्वर ने नक्सलियों के बीच ऐसे गुजारे 5 दिन

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ग्रामीणों के बीच जवान को रस्सियों से कसकर बांधकर लाया गया था। यह वीडियो इतना मार्मिक है कि किसी भी हिंदुस्तानी का खून उबलने लगेगा। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जवान को अपमानित करके परेड करायी गयी। पढ़िए पूरी खबर-

VIDEO : कोबरा कमांडो राकेश्वर ने नक्सलियों के बीच ऐसे गुजारे 5 दिन
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रायपुर। नक्सलियों ने सीआरपीएफ के कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कर दिया है। सुरक्षा बलों के साथ बीजापुर में 3 अप्रैल को हुए मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने राकेश्वर को अगवा कर लिया था। नक्सलियों ने मध्यस्थों पद्मश्री धर्मपाल सैनी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया और 20 गांव के ग्रामीणों के सामने छोड़ा। जवान को रिहा करते हुए नक्सलियों का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ग्रामीणों के बीच जवान को रस्सियों से कसकर बांधकर लाया गया था। यह वीडियो इतना मार्मिक है कि किसी भी हिंदुस्तानी का खून उबलने लगेगा। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जवान को अपमानित करके परेड करायी गयी।

नक्सलियों ने पहले जवान को ग्रामीणों के बीच छोड़ा, फिर वहां से ग्रामीणों ने तर्रेम थाना में जवान को सौंपा गया। पति की रिहाई के बाद पत्नी मीनू के खुशी जाहिर की है। मीडिया और सरकार को धन्यवाद कहा है। पत्नी और बेटी ने जवान राकेश्वर से फोन पर बातचीत की है। बेटी ने अपने पिता को जल्दी घर आने को कहा है।

20 गांवों के ग्रामीणों के सामने नक्सलियों ने जवान को सुरक्षित छोड़ा है।वीडियो में भी साफ देखा जा सकता है कि भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद है। नक्सलियों ने जवान को रस्सी को कसकर बांध रखा था।उस रस्सी को ग्रामीणों की मौजूदगी में भी खोला गया।

कोबरा जवान का परिवार जम्मू के नेत्रकोटि गांव में रहता है। राकेश्वर 2011 में CRPF में भर्ती हुए थे। तीन महीने पहले ही उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में हुई थी। वह सुरक्षाबलों के उस दल में शामिल थे जो बीजापुर-सुकमा के जंगलों में नक्सलियों के खात्मे के लिए गया था। राकेश्वर की सुरक्षित वापसी के लिए उनकी पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री किसी भी कीमत पर नक्सलियों के चंगुल से उनके पति की रिहाई सुनिश्चित करें। ठीक वैसे ही, जैसे भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को पाकिस्तानी से छुड़ाकर लाया था।



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