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गुरूवार को भी हुई वट सावित्री पूजा, शनि मंदिरों में विशेष श्रृंगार

कोरोना संक्रमण के बीच गुरुवार को शहर में शनि जयंति मनाई गई। काेविड गाइडलाइन के कारण शहर के शनि मंदिरों में भव्य आयोजन नहीं हुए। शहर के सभी शनि मंदिरों के साथ ही जिन मंदिरों में शनि प्रतिमा स्थापित है वहां विशेष श्रृंगार के साथ आरती की गई।

गुरूवार को भी हुई वट सावित्री पूजा, शनि मंदिरों में विशेष श्रृंगार
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वट सावित्री पूजा

कोरोना संक्रमण के बीच गुरुवार को शहर में शनि जयंति मनाई गई। काेविड गाइडलाइन के कारण शहर के शनि मंदिरों में भव्य आयोजन नहीं हुए। शहर के सभी शनि मंदिरों के साथ ही जिन मंदिरों में शनि प्रतिमा स्थापित है वहां विशेष श्रृंगार के साथ आरती की गई। गोलबाजार स्थित शनि मंदिर के पं. विकास शर्मा ने बताया है कि इस बार विशेष आयोजन कोविड के कारण नहीं किए गए हैं। शनि देव का का श्रृंगार विशेष वस्त्रों व फूलों से किया गया।

पं. रविशंकर शुक्ल विवि स्थित बंजारी माता मंदिर में भी शनि देव की प्रतिमा स्थापित है। पं. राजेश शुक्ला ने बताया, कोविड नियमों का पालन करते हुए यहां पूजा-अर्चना की गई। सभी कष्टों और रोगों से मुक्ति के लिए शनिदेव से प्रार्थना की गई। काले वस्त्र और तेल चढ़ाने के लिए भक्त पहुंचे। हालांकि बारिश और संक्रमण के कारण भक्तों की संख्या कम रही।

90 फीसदी ने पहले ही की पूजा

महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि वट सावित्री मुख्यत बुधवार को मनाया गया। 90 फीसदी लोगों ने बुधवार को ही वट सावित्री की पूजा की। शेष दस फीसदी लोगों ने ही गुरुवार को यह पूजा की। बूढ़ेश्वर मंदिर स्थित वट वृक्ष सहित शहर के अन्य स्थानों में भी महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा करके विधिपूर्वक पूजा की। बूंदाबांदी के बीच भी महिलाएं व्रत के लिए पहुंची रहीं। हालांकि इनकी संख्या बुधवार की तुलना में कम रही।


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