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वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेवराम उरांव को भाजपा नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

स्व. उराँव मूलत: छत्तीसगढ़ के जशपुर (रायगढ़) तहसील के ग्राम कोमड़ो के थे। उनका जन्म इसी ग्राम में 01 अक्टूबर, 1949 को हुआ था। पढ़िए पूरी खबर-

वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेवराम उरांव को भाजपा नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेवराम उराँव के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। स्व. उराँव मूलत: छत्तीसगढ़ के जशपुर (रायगढ़) तहसील के ग्राम कोमड़ो के थे। उनका जन्म इसी ग्राम में 01 अक्टूबर, 1949 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. अघ्नूराम व माता का नाम बुचुदेवी था। 12 वर्ष की आयु से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए स्व. उराँव बाद में वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यों से भी जुड़ गए थे। सन 1969 से ही वे वनवासी कल्याण आश्रम की अभा कार्यकारिणी के सदस्य थे। सन 1975 में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद स्व. उराँव को भी आपातकाल में मीसा के तहत निरुद्ध किया गया था। सन 1985 में उन्हें कल्याण आश्रम का उपाध्यक्ष बनाया गया। सन 1995 से वे वनवासी कल्याण आश्रम के अभा अध्यक्ष के दायित्व पर थे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने जगदेव राम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन भारतीय समाज की अपूरणीय क्षति है। वनवासी क्षेत्रों में उन्होंने जागरण का काम करके वनवासी संस्कृति और परंपराओं को बचाने में अपना जीवन समर्पित किया है, समर्पण का वह आलोक हम जैसे कार्यकर्ताओं को हर कदम पर सही राह दिखाकर समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा देगा।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जगदेव राम के निधन से वनवासी क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्यों और वनवासियों के जागरण के साथ ही राष्ट्र व विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के काम को गहरा धक्का लगा है। श्री राम ने अहर्निश वनवासी क्षेत्रों के कल्याण के कार्य में अपना पूरा जीवन अर्पित कर एक मिसाल पेश की है।

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने कहा कि जगदेव राम के निधन से हमने मानवता के सच्चे पुजारी को खो दिया है जिसने वनवासी क्षेत्रों के अपने बंधुओं के कल्याण की हर पल चिंता की। उनके निधन से उपजा शून्य कभी भरा नहीं जा सकेगा। परमपिता परमेश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान व चिरशांति प्रदान करें।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने कहा कि स्व. उराँव सच्चे अर्थों में तप:पूत थे। वनवासी क्षेत्रों में रहकर उन वनवासियों की हर पल चिंता करके उन्हें आधुनिक भारत के विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उनके काम को हमेशा सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय ने कहा कि वनवासी क्षेत्रों में सेवा, समर्पण और जागरण के साथ-साथ वनवासी संस्कृति की रक्षा करते हुए स्व. उराँव ने कल्याण आश्रम के कार्य को जन-जन तक पहुँचाने और सम्पूर्ण हिन्दू समाज को वनवासियों के समग्र कल्याण से जोड़ने का जो महती कार्य किया है, अब उसे और दृढ़ता व प्रखरता के साथ गति प्रदान करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।

भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व संसद सदस्य (राज्यसभा) डॉ. सरोज पांडेय, भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संसद सदस्य (राज्यसभा) रामविचार नेताम, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के अनेक नेताओं ने भी उराँव के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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