Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दो शादी कर फंसे पुलिस अफसर से जवान तक, नामिनी के चक्कर में सालों से रुकी पेंशन

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पहली बीबी के रहते हुए दूसरी शादी करना जवानों से अफसरों तक के गले की फांस बन गई है। 62 साल तक सेवा करने वाले जवान सेवानिवृत होने पर पेंशन पाने कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। नामिनी के चक्कर में उन्हें सालों से पेंशन नहीं मिल रही।

दो शादी कर फंसे पुलिस अफसर से जवान तक, नामिनी के चक्कर में सालों से रुकी पेंशन
X
पेंशन (प्रतीकात्मक फोटो)

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पहली बीबी के रहते हुए दूसरी शादी करना जवानों से अफसरों तक के गले की फांस बन गई है। 62 साल तक सेवा करने वाले जवान सेवानिवृत होने पर पेंशन पाने कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। नामिनी के चक्कर में उन्हें सालों से पेंशन नहीं मिल रही। दोनों बीबियों में नामिनी कौन बनेगा। यह तय ही नहीं हो पा रहा जिससे पेंशन की प्रक्रिया रुक गई है।

ऐसे एक-दो नहीं बल्कि कइयों पुलिस जवान से अफसर तक हैं जिन्होंने सरकारी नियमों को दरकिनार कर सेवा कॉल में दो शादियां कर ली थीं। अब उन्हें बुढ़ापे में मिलने वाली आर्थिक मदद राशि यानी पेंशन पाने कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इनमें कुछ सालभर तो कुछ तीन-चार साल से चक्कर काट रहे हैं लेकिन नामिनी का नाम तय नहीं कर पा रहे हैं। जिससे अब उनको खुद का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। यह समस्या सिर्फ रायपुर पुलिस बल में नहीं बल्कि पूरे राज्यभर में है।

इतने केस में पेंशन रुकी

जानकारी के मुताबिक रायपुर पुलिस में करीब 5 ऐसे पुलिस जवान व अफसर हैं जिन्होंने पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी कर ली थी। इनमें कुछ सालभर पहले पुलिस विभाग से रिटायर हुए तो कुछ करीब 4 साल पहले रिटायर हो चुके हैं। इन्होंने पेंशन की प्रक्रिया पूरी कर दी थी लेकिन नामिनी का नाम तय नहीं हो सका जिससे इनकी पेंशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

बहुतों ने की थी दो शादियां

जानकारी के मुताबिक छग पुलिस में राज्यभर में तैनात 70 से 80 पुलिस जवान शामिल हैं जिन्होंने दो शादियां की हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो प्रमोशन पाकर अफसर रैंक तक पहुंचकर रिटायर्ड हुए। अब उनकी पेंशन नामिनी के चक्कर में रुक गई है।

सर्विस रिकॉर्ड में नाम की दिक्कत

जानकारी के मुताबिक सरकारी सेवा से निवृत होने के बाद पुलिस जवान के सर्विस रिकॉर्ड और परिवार की डिटेल समेत अन्य कागजात विभाग में जमा करना हाेता है। इसके बाद रिटायर होने वाले जवान व उसकी नामिनी पत्नी की डिटेल पेंशन के लिए भेजी जाती है लेकिन अगर नामिनी को लेकर आपत्ति होती है तो पेंशन की प्रक्रिया रोक दी जाती है। कइयों ने सर्विस रिकॉर्ड में पहली बीबी को नामिनी तो कईयों ने दूसरी पत्नी को नामिनी बना दिया है। अब एक-दूसरे की तरफ से आपत्ति लगा दी गई है।

नामिनी से दिक्कत

रायपुर पुलिस में नामिनी को लेकर पेंशन बनाने में दिक्कतें आती हैं। नामिनी तय होने पर ही सेवानिवृत जवान को पेंशन मिल सकती है।


Next Story