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सिंहदेव ने कहा- जीएसटी काउंसिल में दलगत राजनीति हावी, सर्वसम्मति से नहीं संख्या बल पर निर्णय

जीएसटी के ग्रुप्स ऑफ मिनिस्टर की वर्चुअल बैठक में कोरोना सामानों पर जीरो टैक्स को लेकर सहमति नहीं बन पाई। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि इसके लिए जीएसटी कानून में परिवर्तन करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह तर्क दिया कि सी-जीएसटी के कानून में जीरो टैक्स का प्रावधान है फिर भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

सिंहदेव ने कहा- जीएसटी काउंसिल में दलगत राजनीति हावी, सर्वसम्मति से नहीं संख्या बल पर निर्णय
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स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव 

जीएसटी के ग्रुप्स ऑफ मिनिस्टर की वर्चुअल बैठक में कोरोना सामानों पर जीरो टैक्स को लेकर सहमति नहीं बन पाई। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि इसके लिए जीएसटी कानून में परिवर्तन करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह तर्क दिया कि सी-जीएसटी के कानून में जीरो टैक्स का प्रावधान है फिर भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में दलगत राजनीति हावी हो गई है निर्णय सर्वसम्मति से न होकर संख्या बल के आधार पर हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव ने जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक में कहा कि सी-जीएसटी के कानून में जीरो टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत धारा 9, 17 और 54 को देखा जाए तो जीरो टैक्स का प्रावधान है। अत: कोरोना के सामान और दवाईयों पर इसे लागू किया जाए ताकि लोगों पर इसका बोझ न पड़े।

बैठक में इस पर यह कहा गया कि आईजीएसटी के इंपोर्ट और आईसीजेड जाेन की वस्तुुओं पर ही जीरो टैक्स का प्रावधान है अत: जीएसटी कानून में बदलाव किया जाना होगा। काउंसिल के तर्क पर मंत्री ने कहा कि इसे लेकर काउंसिल की अध्यक्ष असिदा रमन को अलग से एक पत्र लिख रहे हैं जिसमें दिए गए प्रावधानों के बारे में जानकारी देंगे।

जीएसटी के मंत्री समूह में कांग्रेस शासित राज्यों से एक भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि काउंसिल की बैठक में पूरी तरह से दलगत राजनीति हावी है। यहां पर यह नहीं देखा जाता कि किस व्यक्ति ने क्या सुझाव दिया। वरन यह देखा जाता है कि किस राजनीतिक दल ने क्या कहा। यहां पर सर्वसम्मति से निर्णय न लेकर संख्या बल के आधार पर निर्णय लिया जाता है।

जो राहत मांगी, अब तक नहीं मिली

कोरोना के समय इसमें इस्तेमाल होने वाली दवाओं और अन्य सामग्री पर जीएसटी न लगे इसका प्रस्ताव कई राज्यों द्वारा दिया गया है। छत्तीसगढ़ की ओर से इसकी मांग हमने उठाई थी। जीएसटी नियमों में इसका प्रावधान होने के बाद भी काउंसिल की बैठक निर्णय नहीं होने पर जीएसटी के आठ सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया गया था। चर्चा और कई सुझाव आने के बाद समूह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ऐसे में निजी अस्पतालों से दवाईयों और अन्य सामग्री खरीदने वालों को टैक्स के अतिरिक्त बोझ से राहत नहीं मिल पाएगी।

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