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हजारों नाराज अन्नदाता सप्ताह भर से नवा रायपुर में अनिश्चितकालीन धरने पर

गांधीवादी तरीके से एनआरडीए के सामने प्रदर्शन। बुनियादी सुविधा एवं हक अधिकार के लिये किसान आंदोलन के लिए मजबूर। किसानों की जायज मांगों को पूरा करने के लिये राज्य की भूपेश बघेल की सरकार से स्थानीय स्तर के वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधिगण, सरपंच गण, जनपद सदस्यगण, जिला पंचायत सदस्य गण, किसान आंदोलन के सभी पदाधिकारी गण अनुरोध कर रहे हैं। पढ़िए पूरी ख़बर..

हजारों नाराज अन्नदाता सप्ताह भर से नवा रायपुर में अनिश्चितकालीन धरने पर
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नवा रायपुर/मंदिर हसौद: अपने हक-अधिकार के लिए दिल्ली की तर्ज में रात दिन 24 घंटे गांधीवादी तरीके से NRDA परिसर में हजारों प्रभावित क्षेत्र के किसान मजदूर और महिलाएं नया रायपुर किसान कल्याण समिती के तत्वधान में आन्दोलन कर रही हैं। जिसमें प्रभावित क्षेत्र के ग्राम पंचायत के सरपंच जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य सभी ने इस आंदोलन में अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस भाजपा दोनों दल के सभी नेता आंदोलन में भाग लेकर किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। तथा वक्तागण दोनों दलों के पूर्व एवं वर्तमान सरकार पर तीखे शब्द बांण छोड़ रहे हैं। तथा सरकार से किसानों की मांगों को पूरा करने के लिये अपील भी कर रहे है। नया रायपुर में निजी एवं सरकारी संस्था में प्रभावित परिवार को योग्यतानुसार रोजगार एवं स्वरोज़गार में प्राथमिकता मिलना था जो नहीं मिला है। किसानों को मुआवजा राशि में कम मुआवजा दिया गया है। कई छोटी-छोटी समस्या के निदान नहीं होने से आंदोलन का जन्म हुआ है। जिसका निराकरण नहीं होने की वज़ह से किसान आंदोलन के लिए मजबूर हो गये। आज किसान आंदोलन का 7वां दिन है, जहां दिन रात किसान अपनी मांगो को लेकर आंदोलनरत हैं।

ना भाजपा शासनकाल में सुनवाई, ना कांग्रेस शासन में..

कांग्रेस सरकार के तीन साल बीत जाने के उपरांत भी प्रभावित किसानों की पूर्व की मांगों तथा शासन प्रशासन के बीच हुए समझौते एवं आदेश क्रियानवयन भी वर्तमान शासन पालन कराने में आज दिनांक तक नाकाम रही है। भाजपा शासन काल में किसानों एवं रमन सरकार बीच कई अहम फैसले पर सहमती एवं आदेश हुए थे। जिसमें मुख्य रूप से प्रभावित ग्राम के संपूर्ण बसाहट क्षेत्र का पट्टा प्रदान करने एवं पुनर्वास निति के तहत विक्रय भूमि के अनुपात में विकसीत भूमि आबंटन करने का आदेश दिया गया था। जिसका पालन पूर्व की भाजपा की सरकार के सम्पूर्ण कार्यकाल में भी नहीं हुआ। और अब वर्तमान की कांग्रेस सरकार में भी अभी तक नहीं हो पाया है, हालांकी अभी भूपेश सरकार के कार्यकाल में 2 वर्ष शेष हैं, जिसमें चुनाव पूर्व ये कार्य भी संपन्न हो सकता है।

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