Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

इस बार बढ़ सकता है नीट और जेईई में कटऑफ, लॉकडाउन के कारण मिले वक्त ने बढ़ाई प्रतियोगिता

विशेषज्ञों का कहना- इस बार सीटों के लिए होगी कड़ी टक्कर, बचे हुए महीनों के लिए करें उचित प्रबंधन

इस बार बढ़ सकता है नीट और जेईई में कटऑफ, लॉकडाउन के कारण मिले वक्त ने बढ़ाई प्रतियोगिता
X

रायपुर. काेचिंग संस्थान के शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण पढ़ने के लिए अधिक समय मिला है। तरीख तय होने के बाद इन परीक्षाओं में ऐसे छात्र अधिक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जिन्होंने बोर्ड रिजल्ट के बाद यह परीक्षा देने का निर्णय लिया होगा। वहीं छात्रों का कहना है, तारीख बढ़ने से यह मुकाबला कठिन हो चुका है। परीक्षा में सभी अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। तारीखों का ऐलान होने के बाद असमंजस की स्थिति खत्म हो चुकी है। रिवीजन और पढ़ाई में तेजी आ गई है।

पहली बार नीट के लिए मिला इतना वक्त

नीट का कोर्स अधिक होने के कारण अधिकतर छात्र सालभर तक कोचिंग संस्थान व सेल्फ स्टडी कर तैयारी करते हैं। मेडिकल परीक्षा की तैयारी करवा रहे योगेश सोनी का कहना है, जिन स्टूडेंट्स ने पूरी तैयारी कर ली है, वे कोर्स का नया टाॅपिक शुरू कर सकते हैं, जिसे पढ़ा नहीं हो। इसके अलावा परीक्षा तक कठिन विषय को रीविजन कर आसान बनाएं। जिन स्टूडेंट्स ने नीट क्लीयर करने के लिए एक साल ड्रॉप लिया है। उनके बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। अधिक समय मिलने से तैयारी भी अधिक हुई है। काेचिंग संस्थान में लगातार ऑनलाइन मॉडल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इससे छात्र परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकते हैं। बचे हुुए समय में महत्वपूर्ण टॉपिक को समझा जा सकता है। नीट की तैयारी के लिए बचा हुआ समय महत्वपूर्ण है। पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को रोज हल करना चाहिए। पहली बार नीट के लिए इतना समय मिल रहा है।

ऑनलाइन माॅडल टेस्ट

शहर के अधिकतर कोचिंग संस्थान ने हर साल की तरह मई माह तक कोर्स पूरा कर दिया था। अब छात्र घर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। एक कोचिंग संस्थान के संचालक का कहना है, जेईई की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को मॉडल टेस्ट देना चाहिए, जिससे उन्हें समय प्रबंधन और प्रश्नाें का पैटर्न समझ आएगा। वह किस प्रश्न को तेजी और कम समय में बना रहे हैं, इसके बारे में उन्हें जानकारी हो जाएगी। इसके अलावा पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को निर्धारित समय में बनाने की तैयारी करें। मई माह में कोर्स पूरा होने के कारण अधिकतर छात्रों ने कोर्स का रीविजन कर लिया होगा। जिन्हाेंने नहीं किया वह शुरू कर दें। रोजाना चार से पांच घंटे की पढ़ाई कर परीक्षा तक अच्छी तैयारी की जा सकती है। इस समय कठिन टॉपिक का डाउट क्लियर कर सकते हैं। परीक्षा की तारीख आ जाने के बाद बचे हुए दिन के आधार पर टाइम-टेबल बनाकर तैयारी कर सकते हैं। कोर्स से संबधित नए विषय काे समझ सकते हैं, जो परीक्षा और अंकों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो।

प्रश्नों को समय पर हल करने की आदत डालें

परीक्षा में देर से होने से कई छात्र सक्रिय रूप से पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे थे। एक कोचिंग सेंटर के संचालक एलजी वर्मा का कहना है, कोर्स का रीविजन करने के साथ खुद को परीक्षा के लिए तैयार करें। बड़े सवाल काे 2 से 3 मिनट में बनाने का प्रयास करें। अधिकतर छात्रों को प्रश्न को हल करना आता है, लेकिन उसे हल करने में समय निकल जाता है, जिसके कारण अन्य सवाल समय पर नहीं बनते। उनका कहना है, जेईई के छात्र गणित के महत्वपूर्ण सूत्रों को समझने का प्रयास करें। इस वर्ष पढ़ने का अधिक समय मिलने पर कुछ छात्रों ने इसका सही उपयोग किया है। लेकिन जिन्होंने सक्रिय रूप से ध्यान देना बंद कर दिया था, वे अब कोर्स रीविजन कंरे। दो माह में पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन महत्वपूर्ण टॉपिक को पढ़ने से समय पर तैयारी हो सकती है।

Next Story