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नगर सैनिक की हत्या मामले में लम्बी लड़ाई के बाद न्यायालय का आया ये फैसला

4 साल पहले कुसमी क्षेत्र में हुई वारदात में न्यायालय का आया फैसला, आरोपियों ने फावड़ा और सब्बल से पीट-पीटकर नगर सैनिक रूपन राम को उतारा था मौत के घाट, मामले में 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा जिला एवं सत्र न्यायालय रामानुजगंज में सुनाई गई। पढ़िए पूरी ख़बर..

नगर सैनिक की हत्या मामले में लम्बी लड़ाई के बाद न्यायालय का आया ये फैसला
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बलरामपुर: कुसमी थाना अंतर्गत ग्राम गजाधरपुर के जगतपाल बुनकर, कृष्णा राम, मुकुंद, हीरामन, गोदम, हीरामुनी, को आपसी विवाद में बलरामपुर मुख्यालय में पदस्थ नगर सैनिक की सब्बल और फावड़ा से मार कर हत्या करने के आरोप में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर की अदालत ने आजीवन कारावास, से दंडित किया है। नगर सैनिक रुपन राम छुट्टी लेकर 19 अक्टूबर 2017 को अपने घर आया हुआ था और दूसरे दिन 20 अक्टूबर को बलरामपुर मुख्यालय नौकरी करने जाना था। लोक अभियोजक बिपिन बिहारी सिंह ने इस संबंध में बताया कि प्रार्थी सत्यनारायण ने थाना कुसमी में 10 अक्टूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी पत्नी चमेली बाई के साथ मवेशी चराने गांव के किनारे जंगल में गया था। मृतक का पिता और प्रार्थी सत्यनारायण मवेशी चरा रहा था। शाम पांच बजे नाती दीपांशु रोते हुए खेत में आया और बताया कि उसके पापा नगर सैनिक रुपन राम को उपरोक्त आरोपितों ने सब्बल और फावड़ा से मार कर हत्या कर दी है। जब मृतक का पिता घर आया तो वहां बेटा मृत पड़ा था। बहु बलवंती ने बताया कि नगर सैनिक बलरामपुर मुख्यालय जाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था। इसी दौरान अभियुक्तगण उसे पीटने लगे थे। नगर सैनिक अपनी जान बचाने की फिराक में गांव के ही मुकुंद के घर के अंदर घुस गया लेकिन वहां पर भी आरोपित पहुंच गए और उसकी बेदम पिटाई कर दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घर में उसका बड़ा बेटा बलरामपुर मुख्यालय में पदस्थ नगर सैनिक रूपन राम, बेटी बलवंती और बहू दुर्गावती एवं नाती दीपांशु था। मामले में अब चार साल बाद इन्साफ मिला।

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