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नदी तट पर भी प्यासे ग्रामीण : जलस्तर गिरा तो हैंडपंप ने दिया जवाब, अब बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

ग्राम आवाराभाटा में पानी की समस्या विकराल है, जबकि ये गांव तांदुला नदी के किनारे बसा हुआ है, फिर भी यहां के लोग प्यासे हैं। बूंद-बूंद के लिए कैसे तरस रहे ग्रामीण... देखिए राहुल भूतड़ा की रिपोर्ट में...

नदी तट पर भी प्यासे ग्रामीण : जलस्तर गिरा तो हैंडपंप ने दिया जवाब, अब बूंद-बूंद को तरस रहे लोग
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बालोद। पिछले कुछ दिनों से आसमानी पारा लगातार बढ़ रहा है। इस बीच गर्मी ज्यों-ज्यों जोर पकड़ रही है, पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर भू-जल स्तर गिरता जा रहा है, वहीं गांवों में कई पुराने हैंडपंपों ने जलस्तर गिरने के कारण जवाब दे दिया है। जल संकट को लेकर जिले के आमलोग भी अब परेशान होने लगे हैं। ताजा मामला जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम आवाराभाटा का है। यहां पानी की समस्या विकराल है, जबकि ये गांव तांदुला नदी के किनारे बसा हुआ है, फिर भी यहां के लोग प्यासे हैं। पेयजल की समस्या से ग्रामीण परेशान है। हैडपंप भी जवाब दे चुके हैं, ऐसे ग्रामीणों को दूर दराज से पानी लाना पढ़ रहा है।

वहीं भीषण गर्मी में पेयजल व्यवस्था के लिए शासन से सख्त आदेश है कि जन-जन को पानी आसानी से उपलब्ध हो। कोई भी व्यक्ति पानी के लिए परेशान न हो, खराब पड़े हैंडपंप को चौबीस घंटे के अंदर ठीक करने व गंदा पानी देने वाले हैंडपंपों को रीबोर करने जैसे निर्देश जारी किया जा चुका है। वहीं लोगों कि माने तो जलस्तर गिरने से अब उनके गांव में लगे हैंडपंप पूरी तरह जवाब देने लगे हैं। जबकि दूसरी तरफ विभागीय अफसर का मानना है कि जिले में करीब 75 गांवों में तकरीबन 90 हैंडपंपों में पानी की समस्या आई है। लेकिन जानकारी मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंच सुधार कार्य किया जाता है। जरूरत के हिसाब से नए बोर भी किया जा रहा है। हालांकि प्रशासनिक दावों के बीच अब भी कई जगहों से जलसंकट की बाते लगातार सामने आ रही है। जिम्मेदार विभाग पीएचई ने भी इस समस्या से निपटने पूरी तरह तैयार रहने का दावा कर रही है। जिला और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। वही कलेक्टर भी लगातार बैठके लेकर दिशा निर्देश दे रहे हैं। देखिए वीडियो-









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