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तीसरी लहर: प्रदेश में बंद हो सकते हैं प्राइमरी स्कूल, पालकों में कोरोना को लेकर भय

बच्चों में भी सामने आ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, नवंबर से पूरी क्षमता के साथ खोले गए थे स्कूल, लेकिन छुट्टियों के बाद निजी स्कूलों में केवल आधे आए, बड़ी कक्षाएं फिलहाल ऑफलाइन मोड में ही होंगी संचालित, कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश में एक बार फिर से पहली से पांचवीं कक्षा तक की ऑफलाइन कक्षाएं बंद की जा सकती हैैं। पढ़िए पूरी ख़बर..

तीसरी लहर: प्रदेश में बंद हो सकते हैं प्राइमरी स्कूल, पालकों में कोरोना को लेकर भय
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रायपुर: कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश में एक बार फिर से पहली से पांचवीं कक्षा तक की ऑफलाइन कक्षाएं बंद की जा सकती हैैं। इसके स्थान पर फिर से ऑनलाइन मोड में अध्यापन कार्य कराया जाएगा। शीतकालीन छुट्टियों के बाद 29 दिसंबर से स्कूल खुल गए थे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति में गिरावट आई है। विशेषकर छोटी कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत ही रह गई है। छात्र संख्या को देखते हुए कई निजी स्कूल अब कक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं।

हालांकि सिर्फ प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों की ही पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी। छठवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन होगा। बीते एक सप्ताह के दाैरान कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। संक्रमण के सामने आ रहे मामलों में कॉलेज छात्रों के अलावा स्कूली बच्चों की भी संख्या शामिल है। पालकों में इसे लेकर भय का माहौल बना हुआ है और वे बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं। वहीं शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को भी कोरोना गाइडलाइन का सख्ती के साथ पालन करने और छात्रों संग शिक्षकों में भी सर्दी-बुखार की जांच करने कहा गया है।

नवंबर में मिली थी 100 प्रतिशत की अनुमति

प्रदेश में स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अगस्त माह से शुरू कर दिए गए थे, लेकिन पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोलने की अनुमति नवंबर में प्रदान की गई थी। इसके बाद कई स्कूलों ने स्टाफ तथा संसाधनों की कमी का हवाला देकर ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी थी। इसके एक माह पश्चात फिर से स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है। कुछ स्कूलों में पालकों ने भी प्रबंधन को खत लिखकर ऑनलाइन कक्षाओं की मांग की है। इसके अलावा जनवरी में होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा वार्षिक गतिविधियों पर इस बार भी रोक लग सकती है। सूत्रों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सप्ताहभर के अंतराल में हालातों को देखते हुए इस संदर्भ में निर्णय लिए जाएंगे।

सावधानी बरतने के निर्देश

शाला प्राचार्यों को ऐहतियात बरतने कहा गया है। यदि कोई छात्र पॉजिटिव आता है तो कक्षा के अन्य विद्यार्थियों का भी कोरोना परीक्षण होगा तथा स्कूल 72 घंटों के लिए बंद किया जाएगा। फिलहाल विद्यालय पूर्णत: बंद नहीं कर रहे हैं।

- एएन बंजारा, डीईओ, रायपुर

कम हुए हैं छात्र

छुट्टी के बाद से स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक कम हुई है। यही हालात रहे तो हम पहली से पांचवीं कक्षा तक ऑनलाइन मोड में ही अध्यापन कार्य कराएंगे।

- राजीव गुप्ता, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

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