Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

रीडिंग होते ही तत्काल बिजली बिल जमा करने की मिलेगी सुविधा

छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी अब जल्द ही सभी बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग ऑनलाइन करेगी। ऐसा होने से अब उपभोक्ता को तत्काल बिल जमा करने की भी सुविधा मिल जाएगी। अभी जो साॅफ्टवेयर काम कर रहा है, उनमें रीडिंग तो स्पॉट पर होती है, लेकिन रीडिंग का डाटा तत्काल डीसी सेंटर के सर्वर में न जाकर मिडिल वेयर में जाता है। यहां से डाटा डीसी सेंटर में जाने में दो से तीन दिनों का समय लगने पर बिल ऑनलाइन इतने दिनों बाद ही दिखता है।

रीडिंग होते ही तत्काल बिजली बिल जमा करने की मिलेगी सुविधा
X

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी अब जल्द ही सभी बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग ऑनलाइन करेगी। ऐसा होने से अब उपभोक्ता को तत्काल बिल जमा करने की भी सुविधा मिल जाएगी। अभी जो साॅफ्टवेयर काम कर रहा है, उनमें रीडिंग तो स्पॉट पर होती है, लेकिन रीडिंग का डाटा तत्काल डीसी सेंटर के सर्वर में न जाकर मिडिल वेयर में जाता है। यहां से डाटा डीसी सेंटर में जाने में दो से तीन दिनों का समय लगने पर बिल ऑनलाइन इतने दिनों बाद ही दिखता है।

नया साॅफ्टवेयर बनाने का आदेश भी दे दिया गया है। प्रदेश में बिजली के लगभग 50 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से ज्यादातर के मीटरों की स्पॉट रीडिंग होती है। इस साल से मोबाइल ऐप के माध्यम से रीडिंग हो रही है। पहले भी स्पॉट रीडिंग होती थी, लेकिन उसमें गड़बड़ियों की ज्यादा शिकायतों के बाद मोबाइल ऐप से रीडिंग प्रारंभ की गई है। इसमें रीडर को मीटर की फोटो खींचकर भेजनी होती है। पाॅवर कंपनी ने सोचा था, इससे गड़बड़ियों पर पूरी तरह से विराम लग जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है, इसलिए अब कंपनी एक नई व्यवस्था कर रही है।

सीधे डीसी सेंटर में नहीं जाता डाटा

इस समय रीडिंग में जो साॅफ्टवेयर उपयोग में लाया जा रहा है, वह रीडिंग का ठेका लेने वाली कंपनी का है। इस साॅफ्टवेयर की एक सबसे बड़ी खामी यह है कि रीडिंग तो स्पॉट पर हो जाती है, लेकिन रीडिंग के बाद डाटा सीधे डीसी सेंटर में नहीं जाता है। डाटा मिडिल वेयर में जाता है। इस मिडिल वेयर से ही डाटा बाद में पावर कंपनी के डीसी सेंटर के बिलिंग सर्वर में जाता है। यह डाटा डीसी सेंटर तक जाने में दो से तीन दिन लग जाते हैं। इसके बाद ही डीसी सेंटर से बिल बनाकर ऑनलाइन जमा करने के लिए अपलोड किया जाता है, लेकिन कंपनी अब अपना साॅफ्टवेयर बना रही है। इससे मीटर की रीडिंग होते ही रीडिंग सीधे डीसी सेंटर के बिलिंग सर्वर में जाएगी और तत्काल बिल बनकर ऑनलाइन अपलोड हो जाएगा। अगर कोई उपभोक्ता रीडिंग होने के बाद तत्काल उसी दिन बिल का भुगतान करना चाहेगा तो कर सकेगा।

नया साॅफ्टवेयर बनेगा

रीडिंग की नई व्यवस्था के लिए अपना साॅफ्टवेयर बनाने का आर्डर दे दिया गया है। जल्द ही नई व्यवस्था से रीडिंग की जाएगी। इससे बिल तत्काल जमा करने की सुविधा मिलेगी।

- हर्ष गाैतम, एमडी, पावर वितरण कंपनी

Next Story