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रायपुर से दुर्ग हाईवे पर बिगड़ी चाल, सर्विस लेन पर दो साल तक जाम के आसार

रायपुर से दुर्ग नेशनल हाईवे पर बन रहे कुम्हारी ओवरब्रिज की धीमी चाल ने दो बड़े शहरों के लिए ट्रैफिक का मिजाज बदलकर रख दिया है। 45 मिनट का सफर पूरा करने एनएच- 53 पर हर घंटे ट्रैफिक जाम के हालात हैं, जिससे वाहन चालक हर दिन परेशान हो रहे हैं। ब्रिज निर्माण के चलते आवागमन के लिए पीडब्लूडी एनएचआई ने सिर्फ सर्विस लेन का ही सहारा लिया है। इधर निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी है।

रायपुर से दुर्ग हाईवे पर बिगड़ी चाल, सर्विस लेन पर दो साल तक जाम के आसार
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रायपुर. रायपुर से दुर्ग नेशनल हाईवे पर बन रहे कुम्हारी ओवरब्रिज की धीमी चाल ने दो बड़े शहरों के लिए ट्रैफिक का मिजाज बदलकर रख दिया है। 45 मिनट का सफर पूरा करने एनएच- 53 पर हर घंटे ट्रैफिक जाम के हालात हैं, जिससे वाहन चालक हर दिन परेशान हो रहे हैं। ब्रिज निर्माण के चलते आवागमन के लिए पीडब्लूडी एनएचआई ने सिर्फ सर्विस लेन का ही सहारा लिया है। इधर निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी है।

आलम कुछ ऐसा हो गया है कि सर्विस लेन पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव की वजह से मुश्किलें बढ़ रही है। सड़क हादसों का भी डर बना हुआ है। त्योहारी सीजन में रायपुर से दुर्ग जाने के लिए बढ़ती भीड़ के बीच स्थिति संभाल पाने की चुनौती है। नेशनल हाईवे पर कुम्हारी के पास बन रहे ब्रिज की धीमी गति देखकर माना जा रहा है कि इसे पूरा होने में ही दो से ढाई साल और लग जाएंगे। 30 फीसदी काम होने के बाद से निर्माण की गति धीमी हो गई है। लोक निर्माण ने जिस एजेंसी को ठेका दे रखा है, लॉकडाउन लगने के बाद यहां मैन पाॅवर और संसाधनों के अभाव में काम प्रभावित हुआ है। अनलॉक होने के बाद एजेंसी ने स्थिति सुधारी नहीं है।

वीआईपी प्रोटोकॉल भी जाम से तंग

दुर्ग जिले में ही मुख्यमंत्री का गृहग्राम होने की वजह से अगर कभी आवागमन का शेड्यूल तय होता है तो और बड़ी दिक्कत आती है। वीआईपी आगमन के दौरान सर्विस लेन पर ट्रैफिक रोकने की मजबूरी बन गई है। पुलिस ने निर्माण स्थल के पहले लोहे के एंगल भी लगा दिए हैं, इस वजह से एक ही लेन पर ट्रैफिक परिचालन मुसीबत बढ़ा रहा है। मंत्री-विधायक के प्रोटोकॉल का सिस्टम लागू कराने भी बहुत दिक्कतें हो रही है।

एनएच- 53 पर चार जगह निर्माण

लोक निर्माण विभाग ने 4 जगहों पर 2019 से निर्माण कार्य प्रारंभ किया है। कुम्हारी, सुपेला, पाॅवर हाउस और डबरापारा में ब्रिज निर्माण का शेड्यूल रखा गया है। कोविड काल में काम बंद होने के कारण कई हिस्सों में रफ्तार धीमी हो गई है। लोक निर्माण का फोकस कुम्हारी ब्रिज को पहले पूरा करने पर है।

पूरा प्रोजेक्ट 263 करोड़ का

एनएच- 53 के लिए चार बड़े ब्रिज लगभग 263 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे हैं। इनमें से कुम्हारी में बड़ा ब्रिज पहले बनाने की कोशिश चल रही है। यह ब्रिज 600 मीटर लंबा है। इतने हिस्से में काम अटके होने के कारण सर्विस लेन में फोरलेन का ट्रैफिक उतारा जा रहा है, इस वजह से अब परेशानी बढ़ रही है। पीडब्ल्यूडी अफसर मान रहे हैं कि कोविड काल की वजह से ब्रिज निर्माण में देर हुई।

पूरा करने लक्ष्य

कुम्हारी- नवंबर 2021

पाॅवर हाउस- अप्रैल 2022

डबरापारा- जून 2022

सुपेला- जनवरी 2022

विकल्प नहीं

फोरलेन का ट्रैफिक सर्विस लेन पर आने की वजह से जाम के हालात बन रहे हैं। कोशिश है कि ब्रिज निर्माण जल्द पूरा कर लें। फोरलेन से ट्रैफिक डावयर्ट करने और कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

- गोविंद अहिरवार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी दुर्ग

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