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शराब दुकान के सुपरवाइजर-स्टाफ डकार गए 26 लाख, कंपनी को चुकाना होगा पैसा

ऑडिट में बाहर आई हकीकत, शराब बेचकर गल्ले में महीनों से लगा रहे थे चूना, दुकानों में गफलत होने की आशंका के बारे में हरिभूमि ने दो दिन पहले की थी पड़ताल

शराब दुकान के सुपरवाइजर-स्टाफ डकार गए 26 लाख, कंपनी को चुकाना होगा पैसा
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रायपुर. शहर की शराब दुकानों में स्टॉक सेलिंग के बावजूद 'घटती' के बढ़ते मामलों के बीच लाखों रुपए गबन करने का मामला फूटा है। पंडरी अंग्रेजी शॉप से सुपरवाइजर समेत स्टाफ ने 26 लाख रुपए डकार लिए। यह रकम महीनों की सरकारी पूंजी है, जिसे बिना हिसाब के मिलान किए ही स्टाफ ने गायब किया है। सरकारी खजाने की बड़ी चोरी करने के मामले में आबकारी ने जांच तो की है, लेकिन रकम रिकवरी और अवैधानिक कृत्य करने के मामले में स्टाफ-सुपरवाइजर पर कार्रवाई का जिम्मा प्लेसमेंट कंपनी पर छोड़ दिया है।

मंगलवार को पंडरी अंग्रेजी शराब दुकान में 26 लाख रुपए से ज्यादा का गबन किए जाने की पुष्टि हो गई है। आबकारी विभाग के जुड़े अफसरों ने दुकान के गल्ले में गड़बड़ी करते हुए बड़ी रकम पार होने की जानकारी दी है। अफसरों ने बताया, शराब दुकान में महीनों से गड़बड़ी चल रही थी। जितना स्टॉक आ रहा था, उसकी सेलिंग के बाद बिक्री राशि में धीरे-धीरे हेरफेर चलता रहा। आखिर में जब फाइनल ऑडिट रिपोर्ट बनी, तब एक बड़ी रकम के गबन हाेने के बारे में पता चला। फाइनल रिपोर्ट देखने के बाद आबकारी विभाग के कई बड़े अफसर सकते में आ गए हैं। जिला आबकारी उपायुक्त अरविंद पाटले ने कुछ ही समय पर जिले में चार्ज संभाला है। बड़ी गड़बड़ी उजागर होने के बाद उनका कहना है, चोरी की रकम कंपनी से वसूल की जाएगी। कर्मचारियों पर कार्रवाई कंपनी अपनी तरफ से तय करेगी।

ऐसे हुआ खुलासा

शराब दुकान में लाखों के गोलमाल का मामला पुरानी प्रभारी सुपि्रया तिवारी के कार्यकाल में सामने आया था। उनकी जगह पदस्थ नई प्रभारी नीलम किरण की पदस्थापना के बाद मामले का खुलासा हुआ।

लग्जरी लाइफ से गहराया संदेह

पंडरी शराब दुकान में स्टाफ की लग्जरी लाइफ देखकर आबकारी अफसर हैरान हैं। इसके पहले दुकान के एक कर्मी की लग्जरी कार के साथ महंगी खरीदारी और भी पार्टियां करने के बारे में पता चला था। चर्चा यह भी है कि इस कर्मचारी के बारे में किसी ने आबकारी विभाग के महाप्रबंधक को भी जानकारी दी। उच्चस्तरीय निगरानी बिठाने और फिर पुख्ता ऑडिट रिपोर्ट तैयार होने के बाद शॉप में 26 लाख रुपए के गबन का पता चला। हेराफेरी की रकम के सहारे स्टाफ कर्मी लग्जरी लाइफ जी रहे थे।

प्रभारी अफसर का गोलमोल जवाब

अंग्रेजी शराब दुकान की मॉनिटरिंग का जिम्मा संभालने वाले अफसर अब गोलमोल जवाब देने में लगे हुए हैं। 26 लाख रुपए सरकारी खजाने से धीरे-धीरे गायब होने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी बड़ी रकम आखिर कैसे पार हुई? प्रभारी अफसर के पास जवाब नहीं है। वरिष्ठ अफसरों का कहना है, रकम बड़ी है, इसलिए उच्चस्तर पर जांच होगी। सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाना आपराधिक कृत्य है। हालांकि चोरी की रकम प्लेसमेंट कंपनी देने के लिए बाध्य है, लेकिन फिर भी विभागीय जांच और कार्रवाई होगी।

शॉप से लाखों रुपए की हेराफेरी पकड़ी गई है। प्रभारी अफसरों को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। नियमानुसार कंपनी रकम की भरपाई करेगी, एफआईआर दर्ज कराएंगे।

- एके त्रिपाठी, एमडी, सीएसएमसीएल

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