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17 करोड़ के स्टेडियम की इनकम कौड़ी की, पब्लिक की जेब से मेंटेनेंस का खर्च

2018 में खेल को बढ़ावा देने मल्टीयूटिलिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के रूप में किया था विकसित

17 करोड़ के स्टेडियम की इनकम कौड़ी की, पब्लिक की जेब से मेंटेनेंस का खर्च
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रायपुर. राजधानी में 17 करोड़ की लागत से बने सुभाष स्टेडियम के रखरखाव का खर्च निकलना मुश्किल हो गया है। स्टेडियम में जिला, राज्य व नेशनल स्तरीय खेल टूर्नामेंट का आयोजन नहीं होने से मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त रैवेन्यू नहीं मिल पा रहा। वहीं स्टेडियम की कमर्शियल बिल्डिंग के कमरों की बुकिंग से मिलने वाले किराए से भी इनकम नहीं बढ़ रही। इससे नगर निगम को स्टेडियम के मेेंटेनेंस का पूरा खर्च खुद वहन करना पड़ रहा है।

बता दें कि 3 साल पहले 2018 में नगर निगम ने प्रदेश मेें खेल को बढ़ावा देने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व टूर्नामेंट आयोजन के लिए सुभाष स्टेडियम को लाखों रुपए खर्च कर राष्ट्रीय स्तर का मल्टीयूटिलिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के रूप में विकसित किया था। यहां खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के साथ कमर्शियल उपयोग भी किया जाना था, लेकिन नगर निगम व स्टेडियम प्रबंधन समिति की उदासीन मैनेजमेंट नीति के कारण स्टेडियम मेें अब तक किसी तरह के खेल टूर्नामेंट आयोजन संबंधित बुकिंग नहीं हो सकी, जिससे स्टेडियम को अतिरिक्त आय हाे। अब स्टेडियम के मेंटनेंस खर्च को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है। इसके कारण स्टेडियम के मैदान व बिल्डिंग का रखरखव ठीक तरह से नहीं हो पा रहा। ऊपर से स्टेडियम का मेंटनेंस का भार सरकारी खजाने पर पड़ रहा है।

3 सालों में एक भी टूर्नामेंट नहीं

एकमात्र मल्टीयूटिलिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम 24 घंटे एक साथ हॉकी, फुटबाल, वेटलिफ्टिंग, शूटिंग, बॉक्सिंग, बाॅलीबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, टेबल टेनिस जैसे 20 तरह के नेशनल गेम्स की प्रैक्टिस व प्रतियोगिता के लिए बनाया गया है, लेकिन पिछले तीन सालों मेें एक भी राज्य व राष्ट्रीय स्तरीय की खेल प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो पाया और न ही नियमित रूप से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण का अवसर मिल पा रहा है।

महीने में मेंटेनेंस खर्च 3 लाख

नेताजी सुभाष स्टेडियम की देखरेख कर रहे नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्टेडियम मेंटनेंस का खर्च महीने का औसत 3 लाख रुपए तक आ रहा है, जबकि स्टेडियम के मैदान, कमर्शियल बिल्डिंग के कमरों के किराए का खेल संघों से मिलने वाला महीने का रैवेन्यू महज 40 से 50 हजार रुपए का है। ऐसे में नगर निगम को स्टेडियम के मेंटनेंस का खर्च वहन करना पड़ रहा है।

ग्राउंड पर उग आए खरपतवार व कांटे

पिछले चार महीने से कोरोना संक्रमण के कारण स्टेडियम के मैदान पर लगी ग्रीन घास की कटाई छंटाई नहीं होने से ग्राउंड पर दूसरे तरह के खरपतवार व कंटीले पौधे उग आए हैं। वहीं मैदान के कई हिस्सों से उखड़ चुकी ग्रीन घास की रोपाई भी नहीं की गई है। इस तरह से स्टेडियम के नियमित रखरखाव के अभाव में फिलहाल खिलाड़ियों के खेलने योग्य नहीं है।

स्टेडियम के रखरखाव का काम नगर निगम व कलेक्टर की अध्यक्षता वाली नेताजी स्टेडियम प्रबंधन समिति देख रही है। स्टेडियम का रैवेन्यू बढ़ाने आने वाले दिनों में खेल टूर्नामेंट का आयोजन कराया जाएगा।

- लोकेश्वर साहू, अपर आयुक्त, नगर निगम रायपुर

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