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जमीन रजिस्ट्री में बदला टोकन का सिस्टम, पांचवीं विंडो भी खुली

जमीन रजिस्ट्री के लिए टोकन लेने ओवर वेटिंग का सिस्टम अब खत्म होगा। इसके लिए पांचवे कक्ष का विंडो खोल दिया गया है, जिसमें पक्षकारों को टोकन लेने में आसानी होगी। पहले तक चार कक्षों में रजिस्ट्री का सिस्टम बनाया गया था, लेकिन एक स्टांप लेकर टोकन हासिल करने की कोई मनाही नहीं होने से बल्क में टोकन की अर्जियां लग रही थीं। यही कारण था कि पक्षकारों को 8 से 10 दिन तक की वेटिंग के बाद में जमीन की रजिस्ट्री कराने मजबूर होना पड़ रहा था।

जमीन रजिस्ट्री में बदला टोकन का सिस्टम, पांचवीं विंडो भी खुली
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रायपुर. जमीन रजिस्ट्री के लिए टोकन लेने ओवर वेटिंग का सिस्टम अब खत्म होगा। इसके लिए पांचवे कक्ष का विंडो खोल दिया गया है, जिसमें पक्षकारों को टोकन लेने में आसानी होगी। पहले तक चार कक्षों में रजिस्ट्री का सिस्टम बनाया गया था, लेकिन एक स्टांप लेकर टोकन हासिल करने की कोई मनाही नहीं होने से बल्क में टोकन की अर्जियां लग रही थीं। यही कारण था कि पक्षकारों को 8 से 10 दिन तक की वेटिंग के बाद में जमीन की रजिस्ट्री कराने मजबूर होना पड़ रहा था।

जिला प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था तब बदली गई, जब हरिभूमि ने रजिस्ट्री की समस्या को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके पहले अधिवक्ताओं ने भी रजिस्ट्री में टोकन समस्या को लेकर व्यवस्था बदलने की मांग की थी। शनिवार को जमीन रजिस्ट्री के लिए पंजीयक कार्यालय में व्यवस्था बदले जाने नया आदेश जारी कर दिया गया। सोमवार से अब व्यवस्था बदलने से वेटिंग लिस्ट में खड़े पक्षकारों का आसानी से टोकन कट सकेगा। प्रापर्टी डीलर संतोष सेन का कहना है, जैसा आदेश जारी हुआ है, अब पांचवे कक्ष का भी लाभ मिल सकेगा। बहुत सारे लोग टोकन लेने एक स्टांप का इस्तेमाल करते थे, आदेश के अनुसार अब कुल रजिस्ट्री भाव में लगने वाले सारे स्टांप अनिवार्य होंगे। इसी के बाद टोकन काटा जाएगा। ज्यादातर दलाल एक स्टांप लगाकर दूसरे पक्षकारों के लिए परेशानी पैदा करते थे, अब वैसा नहीं होगा।

रजिस्ट्री संख्या में होगी बढ़ोतरी

अभी तक टोकन की ओवर वेटिंग के चलते जमीन रजिस्ट्री के लिए केवल 30 प्रकरण ही रखे जाते थे। इतनी फाइलों में ही जमीन की रजिस्ट्री होती थी। एसआर-5 के नए सिस्टम बनने के बाद अब केस में बढ़ोतरी होगी। रजिस्ट्री के लिए भीड़ कम होने के बाद ओवर वेटिंग से छुटकारा मिलेगा। इधर ज्यादा से ज्यादा प्रकरण भी पेश किए जा सकेंगे।

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