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22 की उम्र में करोड़पति बनने की सनक, नौकरी लगाने का झांसा, वसूले 12 करोड़

प्रदेश के तमाम शहरों में आईटीआई बाबू बनाने के नाम पर बड़ी ठगी होने का पता चला है। चिरमिरी से एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद खमतराई पुलिस छानबीन में जुटी है, जहां प्रारंभिक तथ्यों में खुलासा हुआ है। आरोपी गैंग ने बारी-बारी से दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपए वसूले हैं। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने बताया कि उन्होंने 12 करोड़ रुपए कमाई का टारगेट फिक्स करते हुए ठगी का जाल बुना था। करोड़पति बनने के लिए उसने नौकरी लगाने के नाम पर फर्जीवाड़े का जाल बुना और कई लोगों को फांसकर फरार हो गया।

22 की उम्र में करोड़पति बनने की सनक, नौकरी लगाने का झांसा, वसूले 12 करोड़
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रायपुर. प्रदेश के तमाम शहरों में आईटीआई बाबू बनाने के नाम पर बड़ी ठगी होने का पता चला है। चिरमिरी से एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद खमतराई पुलिस छानबीन में जुटी है, जहां प्रारंभिक तथ्यों में खुलासा हुआ है। आरोपी गैंग ने बारी-बारी से दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपए वसूले हैं। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने बताया कि उन्होंने 12 करोड़ रुपए कमाई का टारगेट फिक्स करते हुए ठगी का जाल बुना था। करोड़पति बनने के लिए उसने नौकरी लगाने के नाम पर फर्जीवाड़े का जाल बुना और कई लोगों को फांसकर फरार हो गया।

खमतराई टीआई विनीत दुबे ने बताया, आरोपी का नाम सागर बिसाई है, जिसे चिरमिरी के एक ठिकाने से दबोचा गया है। मामले में पुष्पेंद्र तिवारी पिता खम्हन तिवारी उम्र 26 वर्ष सा. ग्राम अमोरा नवागढ़ जिला जांजगीर-चांपा ने एफआईआर दर्ज कराई है। टीआई ने बताया, प्रार्थी का 2019 में मनसाराम पाटले नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ था। मनसाराम अपने साथ नीरज लाल, कुलदीप सिंह ठाकुर, जुनैद खान, सागर बिसाई ने राजनीतिक पकड़ एवं आईटीआई विभाग में आसानी से नौकरी लगा देने की बात कही। उनके झांसे में आकर प्रार्थी ने करीब छह लाख रुपए दे दिए। इस तरह से बारी-बारी से आरोपियों ने और कई शहरों में लोगों से संपर्क साधा। अकेले जांजगीर-चांपा में ही दर्जनों लोगों से रकम वसूल ली। 2019 के बाद कभी भी नौकरी नहीं लगवाई। रकम लेने के बाद सभी आरोपी एक-एक कर गायब हो गए। सागर बिसाई भी पुणे शिफ्ट हो गया। टीआई का कहना है आरोपी सागर पुणे में पढ़ाई करता है। लॉकडाउन लगने के बाद वह रायपुर में था। यहां से गैंग में शामिल होकर उसने ठगी का जाल बुना।

जिसने मिलवाया, उसे भी 12 लाख का फटका

जांच में मालूम हुआ है कि मनसाराम भी बड़ी ठगी का शिकार हुआ है। उसने अपने परिवार से नौकरी लगाने के नाम पर पहले संपर्क किया था। ठग ने प्रार्थी से सीधे डबल करीब 12 लाख रुपए वसूल कर लिए। मनसाराम ने अपने पैतृक पूंजी से रकम जमा करने के बाद पैसे आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने यह पूरा लेनदेन भनपुरी आकर किया। रायपुर में अच्छी पहुंच बताते हुए झांसा देने में कामयाब रहे। आईटी में सीधे बिना इंटरव्यू के प्रवेश झूठी बातें कही थीं।

दो आरोपियों पर टिकी नजरें, हुए लापता

आरोपी के साथ में तीन और सहयोगियों का नाम सामने आया है। ठगी के केस में दोनों ही बड़े मास्टरमाइंड बताए गए हैं। पुलिस का कहना है, उनके पकड़े जाने के बाद और भी कई खुलासे होंगे। इनमें नीरज लाल, कुलदीप सिंह ठाकुर और जुनैद खान शामिल हैं। आरोपी सागर के पकड़े जाने के बाद उसके फोन की फाेरेंसिक जांच कराकर डाटा निकाला जा रहा है।

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