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धरमपुरा में तनाव : अमित जोगी बोले- 'एक वर्ग विशेष का अस्तित्व खत्म करना चाहती है सरकार'

समाज विशेष के लोगों ने लगातार दूसरे दिन किया रायपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्काजाम किया, जिसकी वजह से आवागमन बाधित रहा। पढ़िए पूरी खबर-

धरमपुरा में तनाव : अमित जोगी बोले- एक वर्ग विशेष का अस्तित्व खत्म करना चाहती है सरकार
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कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा के ग्राम धरमपुरा में शुक्रवार सुबह 10 बजे अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासन व समुदाय विशेष के लोगों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मामला थाने तक पहुंच गया। दरअसल ग्राम धरमपुरा में करीब एक माह से अवैध कब्जा को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर समाज विशेष के लोगों ने आज फिर चक्काजाम कर दिया। समाज विशेष के लोगों ने लगातार दूसरे दिन किया रायपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्काजाम किया, जिसकी वजह से आवागमन बाधित रहा।

समाज विशेष के लोगों की मांग है कि तोड़े गए सामाजिक भवन को फिर से स्थापित किया जाये और प्रशासन माफी मांगे। शुक्रवार को ग्राम धरमपुरा में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया था। सुरक्षाकर्मियों और समाज के लोगों के बीच झड़प हुई थी। गांव में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।

मामले के तूल पकड़ने पर जेसीसीजे विधायक धर्मजीत सिंह और अमित जोगी धरमपुरा पहुंचे। उन्होंने समाज के लोगों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत में कहा कि- गांव में 5 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा है लेकिन कारवाई सिर्फ समाज विशेष पर की जा रही है। यह सरकार एक वर्ग विशेष के अस्तित्व को खत्म करना चाहती है। इसके अलावा उन्होंने कलेक्टर को बर्खास्त करने और दोषियों पर कड़ी कारवाई की मांग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता का कहना है कि गांव में कुछ लोग धार्मिक स्थल में कब्जा कर सामुदायिक भवन निर्माण कर रहे हैं। इसे लेकर पंचायत ने निर्माण कार्य कराने वालों को 4 से अधिक बार नोटिस दिया। फिर कवर्धा तहसीलदार ने अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य हो रहे भवन को स्टे दिया। इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा। बार-बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा, इस स्थिति में शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम पुलिसकर्मी के साथ मौके पर पहुंची हुई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस व राजस्व की टीम पर हमला कर दिया। इसमें कई कर्मचारी घायल हुए है।

वहीं दूसरी ओर समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस व राजस्व की टीम ने धार्मिक स्थल को तोड़ने का काम किया है, इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

बता दें कि 15 दिन पहले भी यहां विवाद सामने आया था। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया था। फिर अब शुक्रवार को विवाद हुआ है। अभी भी राजस्व व पुलिस अधिकारी मनाने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन मामले में राजनीतिक हवा दी जा रही है, जिससे विवाद तूल पकड़ने लगा है। विभिन्न समाजों के बीच झगड़ा- फसाद की नौबत न आए, इसलिए पुलिस बल को गांव से नहीं हटाया जा रहा है।

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