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अनियमित कर्मचारी जल समाधि के लिए तैयार, सोशल मीडिया में ऐसे व्यक्त कर रहे हैं आक्रोश

छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारी अब नियमितीकरण की मांग को लेकर अब जलसमाधि करते हुए सरकार के खिलाफ अपने आक्रोश का प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 8 अगस्त की तिथि भी तय कर रखी है। इस बाबत अनियमित कर्मचारियों ने एक प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट की शब्दावली और तेवर से पता चलता है कि नियमितीकरण की राह ताक रहे ये सभी कर्मचारी किस हद तक आक्रोशित हैं। विस्तार से पढ़िए-

अनियमित कर्मचारी जल समाधि के लिए तैयार, सोशल मीडिया में ऐसे व्यक्त कर रहे हैं आक्रोश
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File Photo

प्रेस विज्ञप्ति :- 8 अगस्त को अनियमित कर्मचारियों ने किया जलसमाधि लेने का एलान, क्रांति सप्ताह के पहले ही दिन होगा आंदोलन

अपने नियमितीकरण की बाट जोह रहे छग के तमाम अनियमित कर्मचारी अब महासंघ के बैनर तले एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। उनका यह कदम प्रदेश सरकार को भी मुश्किल में डाल सकता है। छग संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के स्टेट सेक्रेटरी श्रीकांत लास्कर ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय कार्यसमिति सदस्यों की आपातकालीन ऑनलाइन वर्चुअल शाम 7:30 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित की गई थी, जिसमें प्रमुख रूप से बैठक एजेंडा क्रमांक 1 पर गंभीर और तार्किक वार्ता महासंघीय कार्य समिति सदस्य एवं विभिन्न जिला अध्यक्षों के मध्य सम्पन्न हुई है।

प्रांतीय कार्यसमिति की ऑनलाइन वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले द्वारा की गई तथा वरिष्ठ कार्य समिति सदस्य गोपाल प्रसाद साहू के द्वारा ऑनलाइन बैठक का संचालन किया गया। जलसमाधि के तहत आंदोलन को मूर्त रूप देने हेतु प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष दंतेवाड़ा सूरज सिंह ठाकुर द्वारा प्रस्तावित किया गया, जिसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में आगामी छग मानसून विधानसभा के दौरान दिनाँक 28 जुलाई को जलसमाधि ध्यानाकर्षण कार्यक्रम करने की योजना बताई गई थी। उक्त जिला स्तरीय जलसमाधि ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु विभिन्न जिला अध्यक्षों तथा संघीय पदाधिकारियों ने गहन चिंतन मनन करते हुए 28 जुलाई को ना करते हुए, अगस्त क्रांति सप्ताह के प्रथम दिवस दिनाँक 08 अगस्त को दोपहर 12 बजे से 3 बजे सभी 28 जिला मुख्यालय स्थित तालाब में जाकर जलसमाधि कार्यक्रम को किये जाने का अनुमोदन किया गया। इससे अब स्पष्ट है कि प्रदेश के तमाम अनियमित कर्मचारी अपनी नियमितीकरण की मांगों को लेकर बेहद ही घातक कदम उठाने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार इस एलान के बाद अनियमित कर्मचारियों की सुध लेती है या फिर वो एक बहुत ही खौफनाक कदम की ओर अग्रसर होने के लिए छोड़े जाते हैं। प्रदेश मीडिया प्रभारी अभिषेक ठाकुर ने बयान दिया कि महासंघ से 20 सम्बद्धता प्राप्त संगठनों के करीब 30000 अनियमितकर्मी जिले के जलसमाधि कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

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