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स्पेशल रिपोर्ट: नेकी की दीवार हुई अनाथ, स्वयंसेवी संगठन ने हाथ खींचा

महापौर ढेबर ने नए सिरे से नेकी की दीवार शुरू करने की बात कही, नेकी की दीवार से कपड़े एकत्रित कर बेच रहे घुमंतू प्रवृत्ति के लोग, नेक उद्देश्य से शुरू की थी नेकी की दीवार, नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे के मुताबिक गरीबों को मदद करने नेकी की दीवार शुरू करने की योजना बनी थी। योजना के तहत सामान्य से लेकर संपन्न वर्ग के लोगों द्वारा अपने गैरजरूरी सामान को फेंकने के बजाय उस नेकी की दीवार में छोड़ने प्रोत्साहित किया गया था। पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट...

स्पेशल रिपोर्ट: नेकी की दीवार हुई अनाथ, स्वयंसेवी संगठन ने हाथ खींचा
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रायपुर:गरीबों को मदद मिल सके, इस उद्देश्य को लेकर शहर में चार अलग-अलग जगहों पर चार वर्ष पूर्व नेकी की दीवार बनाई गई थी। लोग अपने गैरजरूरी कपड़े, जूते, चप्पल, बैग तथा अन्य जरूरी सामान यहां छोड़ जाते थे। गरीब तबके के लोग उस नेकी की दीवार से अपनी जरूरत के सामान ले जाते थे। नेकी की दीवार की देखरेख करने की जिम्मेदारी एक स्वयंसेवी संगठन ने स्वयं आगे बढ़कर ली थी। उस स्वयंसेवी संगठन द्वारा बीच में हाथ खींच लेने से नेकी की दीवार अब पूरी तरह से अनाथ हो गई है। नेकी की दीवार की देखरेख नहीं होने की वजह से गांधी उद्यान स्थित नेकी की दीवार में एक वर्ष पूर्व आगजनी की घटना घटित हुई थी। इसके बाद से उक्त नेकी की दीवार को ही निगम प्रशासन ने तोड़ दिया। इसके बाद शनिवार देर रात अनुपम गार्डन स्थित नेकी की दीवार में आग लगने की वजह से वहां रखे सारे कपड़े तथा अन्य सामान जलकर खाक हो गया। आशंका जताई जा रही है किसी शरारती तत्व ने उस नेकी की दीवार में रखे कपड़ों में आग लगा दी है।

गरीबों के बजाय स्वार्थी तत्व उठा रहे फायदा

नेकी की दीवार को लेकर महापौर एजाज ढेबर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि नेकी की दीवार से गरीबों को उनकी जरूरत के सामान मुफ्त में मिल सकें, इस उद्देश्य से शुरू किया गया था। वर्तमान में नेकी की दीवार में रखे कपड़ों को घुमंतू प्रवृत्ति के लोग छांटकर ले जाते हैं और उसे संडे बाजार या अन्य किसी जगह स्टॉल लगाकर बेचने का काम कर रहे हैं।

नेक उद्देश्य से शुरू की थी नेकी की दीवार

नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे के मुताबिक जब वे नगर निगम के महापौर थे, तब उनके मन में गरीबों को मदद करने नेकी की दीवार शुरू करने की योजना बनी थी। योजना के तहत सामान्य से लेकर संपन्न वर्ग के लोगों द्वारा अपने गैरजरूरी सामान को फेंकने के बजाय उस नेकी की दीवार में छोड़ने प्रोत्साहित किया गया था। साथ ही एक स्वयंसेवी संगठन ने नेकी की दीवार को सुचारू रूप से संचालित करने लोगों के घरों से कपड़े तथा उनके अन्य गैरजरूरी सामान एकत्रित कर अपने खर्च पर नेकी की दीवार में छोड़ने की बात की थी, लेकिन उक्त संगठन बाद में निगम से पैसों की मांग करने लगा। मना करने पर उस स्वयंसेवी संगठन ने अपना काम बंद कर दिया।

निगम की देखरेख में होगी नेकी

महापौर एजाज ढेबर के मुताबिक गरीबों को मदद करने सभी 10 जोन में बर्तन बैंक शुरू किया जा रहा है। उसी बर्तन बैंक के माध्यम से महापौर ने गरीबों तक उनकी अन्य जरूरत के सामान पहुंच सकें, इसकी व्यवस्था करने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने नगर निगम की महिला कर्मियों के माध्यम से बर्तन बैंक की शुरुआत करने की बात कही।

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