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स्पेशल रिपोर्ट: जंगल सफारी में केयर टेकर और जानवरों का अनोखा लगाव, एक आवाज में खिंचे चले आते हैं शेर, मगरमच्छ

आवाज देने पर सफेद टाइगर लॉयन और क्रोकोडायल दौड़े चले आते हैं, केयर टेकर के साथ अपनत्व की वजह देखरेख और रोज समय पर भोजन, खुले में भी नहीं पहुंचाएगा नुकसान, यह भरोसे की नींव ही है कि जंगल सफारी के केयरटेकर टोमन सोनवानी कहते हैं कि लॉयन, व्हाइट टाइगर और सामान्य टाइगर, क्रोकोडायल के साथ वो खुले में भी मिल सकते हैं। पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट..

स्पेशल रिपोर्ट: जंगल सफारी में केयर टेकर और जानवरों का अनोखा लगाव, एक आवाज में खिंचे चले आते हैं शेर, मगरमच्छ
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रायपुर: प्रेम और आत्मीयता की ताकत के आगे भय और हिंसा भला कब जीत सका है, लेकिन बात जब हिंसक जानवरों के इंसानों से लगाव की हो, तो संबंध कुछ खास जान पड़ता है। प्रेम, आत्मीयता और अपनत्व की डोर ने जंगल सफारी के केयरटेकर्स को वहां के हिंसक और आक्रामक जानवरों के साथ ऐसा बांधा है कि उनके एक आवाज पर शेर बाड़े के किनारे पहुंच जाते हैं। मगरमच्छ पानी छोड़कर बाहर आ जाता है। दरअसल इस अपनत्व और प्रेम की नींव परस्पर विश्वास पर रखी गई है। सिंह, बाघ और मगरमच्छ को अपने केयरटेकर्स पर इतना भरोसा हो चला है कि वे उन्हें देखते ही अपना प्रेम प्रदर्शित करने लगते हैं। वहीं केयरटेकर्स के मन में भी दृढ़ विश्वास है कि जिस एनिमल का वे ध्यान रखते हैं, हर दिन समय पर भोजन परोसते हैं, वे उन्हें किसी सूरत में नुकसान नहीं पहुंचा सकते। यही वजह है कि दिन में कई बार जंगल सफारी में केयरटेकर्स और हिंसक जीवों के बीच प्रेम और अपनत्व के नजारे देखने मिलते हैं, जिसे सामान्य व्यक्ति देखकर सहज आश्चर्य में पड़ जाए। जंगल सफारी की डायरेक्टर एम. मर्सीबेला बताती हैं कि सफारी में काम करने वाले केयर टेकर टोमन सोनवानी और महेंद्र भारती दिन में कई दफा एनिमल किस स्थिति में हैं, देखने जाते हैं। केयर टेकर ही एनिमल्स को भोजन परोसने का काम करते भी हैं। इस वजह से एनिमल्स भी केयर टेकर को भलिभांति पहचानते हैं। अब केयर टेकर और एनिमल के बीच रिश्ता ऐसा हो गया है कि व्हाइट और सामान्य टाइगर तथा लॉयन उन्हें देखते ही मिलने चले आते हैं।

देखते ही बाघ जाली में टिका देता है सिर

सफारी के केयर टेकर महेंद्र सोनवानी बताते हैं बाघ को पता है कि वे आकर उसके सिर पर हाथ फेरेंगे। इसलिए जैसे ही वे टाइगर के करीब पहुंचते हैं, वह अपना सिर बाड़े की जाली में सटा देता है। इसके बाद वह बाघ के सिर पर आसानी से हाथ फेर लेते हैं। हिंसक वन्यजीवों से डरने के सवाल पर वे कहते हैं जिन एनिमल की नियमित देखभाल करते हैं, वह उसे कभी नुकसान नहीं पहुंचा सकता। केयर टेकर के मुताबिक सफारी में रहने वाले एनिमल को वो अपने परिवार की तरह मानते हैं। इसी तरह से क्रोकोडायल की देख-रेख करने वाले केयर टेकर ने बताया है कि वह क्रोकोडायल को जब भोजन देने जाता है, तो दूर से ही आ...आ...आ की अवाज लगाता है और क्रोकोडायल पानी से बाहर दौड़े चले आता है।

खुले में भी नहीं पहुंचाएगा नुकसान

यह भरोसे की नींव ही है कि जंगल सफारी के केयरटेकर टोमन सोनवानी कहते हैं कि लॉयन, व्हाइट टाइगर और सामान्य टाइगर, क्रोकोडायल के साथ वो खुले में भी मिल सकते हैं। खुले में मिलने पर भी वे उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा, लेकिन सीजेडए की गाइडलाइन के अनुसार इस तरह के कृत्य करना जू नियमोें के विपरीत है। इसलिए वे एनिमल से खुले में नहीं मिलते। बाड़े के बाहर से ही उनका हाल जानते हैं।

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