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निशक्तजनों को 7 प्रतिशत आरक्षण, तीन साल में कितनों को मिली नौकरी, अब देना होगा हिसाब

छत्तीसगढ़ में निशक्तजनों को सरकारी सेवा में सात प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था है। निशक्तजनों को इस आरक्षण के आधार पर नौकरी देने के लिए बनाए गए अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए समाज कल्याण विभाग का संचालनालय नोडल विभाग है। अब इस विभाग ने प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग समेत सभी विभागाध्यक्षों और आयुक्तों तथा संचालकों से पूछा है कि आरक्षण की व्यवस्था अगस्त 2018 से अब तक कितने निशक्तों को नौकरी दी गई है इसका ब्योरा मांगा है।

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समाज कल्याण विभाग (प्रतीकात्मक फोटो)

छत्तीसगढ़ में निशक्तजनों को सरकारी सेवा में सात प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था है। निशक्तजनों को इस आरक्षण के आधार पर नौकरी देने के लिए बनाए गए अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए समाज कल्याण विभाग का संचालनालय नोडल विभाग है। अब इस विभाग ने प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग समेत सभी विभागाध्यक्षों और आयुक्तों तथा संचालकों से पूछा है कि आरक्षण की व्यवस्था अगस्त 2018 से अब तक कितने निशक्तों को नौकरी दी गई है इसका ब्योरा मांगा है।

समाज कल्याण विभाग ने पत्र जारी कर ये कहा

समाज कल्याण विभाग के संचालक ने सामान्य प्रशासन विभाग समेत अन्य विभागाध्यक्ष, आयुक्त तथा संचालकों को भेजे गए पत्र में पूर्व में भेजे गए पत्रों के हवाले से कहा है कि निशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 की उपधारा (1) में प्रत्येक सरकारी स्थापना में नियुक्ति के लिए संदर्भित निशक्ताओं से ग्रसित व्यक्तियों से भरे जाने वाले पदों से प्रत्येक समूह से प्रवर्ग में कुल खाली पदों का चार प्रतिशत पद निशक्ताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।

सात प्रतिशत आरक्षण तय

इसी पत्र में ये भी कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार राज्य में प्रत्येक सरकारी स्थापन में सीधी भर्ती के प्रक्रम में भरे जाने वाले प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की लोकसेवाओं एवं पदों में निशक्तजनों के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। समाज कल्याण विभाग ने अब एक प्रोफार्मा जारी कर इस आरक्षण के तहत हुई नियुक्तियों की जानकारी मांगी है।

अब विभागों को देनी है ये जानकारी

प्रोफार्मा में पूछा गया है कि अंध और निम्न दृष्टि वालों के लिए 2 प्रतिशत, बधिर और श्रवण शक्ति में में ह्रास वालों के लिए 2 प्रतिशत, चलन निशक्तता, जिसके तहत प्रमस्तिष्क घात, रोगमुक्त कुष्ठ, बौनापन, अम्ल आक्रमण पीड़ित, और दुष्पोषण वालों के लिए 2 प्रतिशत, स्व परायणता, बौद्धिक निशक्तता विशिष्ट अधिगम, निशक्तता, और मानसिक अस्वस्थता वालों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण है। इस वर्ग के लोगों को अक्टूबर 2018 के बाद से सीधी भर्ती से कितने लोगों की नियुक्तियां की गई हैं। सभी चार श्रेणियों प्रथम से लेकर चतुर्थ तक की जानकारी मांगी गई है।

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