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हरिभूमि की खबर पर जागी 'संवेदना', एसपी की फटकार के बाद रायपुर में खुल गए ताले

प्रदेशभर के थानों में बने संवेदना कक्षों पर लटक रहे तालों को लेकर हरिभूमि की खबर का बड़ा असर देखने मिला है। इसकी शुरुआत राजधानी रायपुर से हुई है। हरिभूमि की खबर के बाद राजधानी पुलिस की संवेदना ऐसी जागी कि सभी थानों में बने संवेदना कक्ष को खोलने का फरमान जारी किया गया है।

हरिभूमि की खबर पर जागी संवेदना, एसपी की फटकार के बाद रायपुर में खुल गए ताले
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रायपुर. प्रदेशभर के थानों में बने संवेदना कक्षों पर लटक रहे तालों को लेकर हरिभूमि की खबर का बड़ा असर देखने मिला है। इसकी शुरुआत राजधानी रायपुर से हुई है। हरिभूमि की खबर के बाद राजधानी पुलिस की संवेदना ऐसी जागी कि सभी थानों में बने संवेदना कक्ष को खोलने का फरमान जारी किया गया है। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने फटकार लगाते हुए सभी संवेदना कक्षों काे सुबह से रात तक खोलने के निर्देश जारी किए हैं। अब संवेदना कक्ष पर पीड़ित महिलाओं के बैठने से लेकर उनके बच्चों को खेलने की सारी व्यवस्थाएं बहाल होगी। इसका पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

हरिभूमि टीम ने बीते शनिवार को दनर्जनभर थानों पर बने संवेदना कक्ष की पड़ताल की। इस दौरान अधिकांश संवेदना कक्ष में ताला बंद मिला। पीड़ित महिलाएं थानों पर पुरुष पुलिसकर्मियों को अपनी परेशानी बताती दिखीं। इसे लेकर हरिभूमि ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसे एसपी ने संज्ञान लिया और मंगलवार को जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने निर्देश दिए।

संवेदना कक्ष का ये उद्देश्य

जानकारी के मुताबिक थानों में संवेदना कक्ष बनाने का उद्देश्य था कि यहां आने वाली महिलाओं की शिकायतें या परेशानी महिला पुलिसकर्मी द्वारा सुरक्षित माहौल में सुनी जाएं। महिला के साथ आने वाले बच्चों को कमरे में खेलने का पर्याप्त इंतजाम हो। महिलाएं बेहिचक होकर अपनी शिकायतें पुलिस तक पहुंचा सकें। महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई हाे सके। इसके लिए महिला अफसरों की टीम भी बनाई गई है।

संवेदना कक्ष का ये हाल

हरिभूमि टीम मंगलवार को आजाद चौक, खमतराई, गुढ़ियारी, सिविल लाइंस, सरस्वतीनगर समेत करीब दर्जनभर थानों पर पहुंची। सभी थानों पर संवेदना कक्ष के ताले खूले मिले। यहां महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। कई संवेदना कक्ष पर एक भी पीड़ित महिलाएं नहीं दिखीं। संवेदना कक्ष की साफ-सफाई की गई थी और वहां पीने के पानी का भी इंतजाम किया गया था।

400 से अधिक थानों पर संवेदना कक्ष

जानकारी के मुताबिक राज्यभर के 467 थानों में संवेदना कक्ष बनाने का प्लान था। 400 से अधिक थानों में संवेदना कक्ष बनाए जा चुके हैं। बाकी थानों में संवेदना कक्ष बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसे बनाने में 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी खर्च होने का अनुमान है।

निर्देश जारी

सभी थाना प्रभारियों को संवेदना कक्ष का ताला खोलने और महिला पुलिसकर्मियों काे तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बतरने पर जिम्मेदार के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

- प्रशांत अग्रवाल, एसपी, रायपुर

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