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स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया "नवा जतन" योजना का शुभारंभ, सेतु पाठ्यक्रम 2.0 की शुरुआत

शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने रविवार को राज्य शैक्षणिक संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में नवा जतन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कोरोना संक्रमण काल में बच्चों के भविष्य से जुड़ी कही ये बात...पढ़िये पूरी खबर-

स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया नवा जतन योजना का शुभारंभ, सेतु पाठ्यक्रम 2.0 की शुरुआत
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रायपुर। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने रविवार को राज्य शैक्षणिक संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में नवा जतन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित राज्य स्रोत समूह के सदस्यों से कहा कि स्कूलों में नवा जतन मार्गदर्शिका का उपयोग कर पढ़ाई में पिछड़ गये बच्चों को वर्तमान कक्षा के स्तर तक लाया जाए। कोरानाकाल में राज्य के स्कूलों में ऐेसे बच्चे जो लर्निंग लॉस के कारण वर्तमान कक्षा स्तर से पिछड़े हुए हैं, ऐसे छात्रों को उपचारात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए 'नवा जतन' कार्यक्रम संचालित होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के एससीईआरटी के द्वारा सेतु पाठ्यक्रम 2.0 के अंतर्गत नवा जतन कार्यक्रम का निर्माण किया गया है। मंत्री डॉ. टेकाम ने इस अवसर पर नवा जतन की मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया।

अपेक्षा अनुसार नहीं हुई शिक्षा प्राप्त

स्कूल शिक्षा मंत्री टेकाम ने कहा कि कोरोना के संक्रमण काल में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की शिक्षा का ही हुआ है। शिक्षकों के कई प्रयास के बाद भी बच्चों को अपेक्षा अनुसार शिक्षा प्राप्त नहीं हो पाई है जिसके कारण पूर्व में शैक्षणिक रूप पिछड़े हुए बच्चों के लिए सेतु पाठ्यक्रम का निर्माण एससीईआरटी द्वारा किया गया था। उन्होंने ने बताया कि राज्य में कक्षा पहली से 8वीं तक के बच्चों का बेसलाइन आकलन केवल इसलिए नहीं था कि हम यह जान सके कि बच्चे वर्तमान में किस कक्षा के स्तर पर हैं, बल्कि उससे हमें यह भी जानना था कि बच्चे अपनी वर्तमान कक्षा के स्तर पर नहीं है, तो फिर निचली कक्षा के किस स्तर पर हैं।

भरपाई के लिए किया गया है, संचालित

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना काल में बच्चों को स्कूल से दूर रखा। ऑनलाईन शिक्षा ज्यादा प्रभावी न होने के कारण 80 से 90 प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। छत्तीसगढ़ में इसकी भरपाई के लिए स्कूल खुलते ही एक माह का सेतु पाठ्यक्रम संचालित किया गया। बेसलाईन आकलन के बाद पढ़ाई में छूटे हुई बच्चों को अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए नवा जतन कार्यक्रम शुरू किया गया है।

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