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अपने ही विभाग के अफसरों के खिलाफ सत्याग्रह कर मांगी कार्रवाई, गिरफ्तार

विभाग में हुए भ्रष्ट्राचार पर कार्रवाई की मांग को लेकर सत्याग्रह और अनशन के लिए स्थल की अनुमति नही मिलने के बाद रविवार को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सुधाकर बोदले ने रविवार को अपने निवास में अनशन शुरु कर दिया। इस दौरान मीडिया कर्मियों के समक्ष उन्होनें भ्रष्ट्राचार के प्रमाण भी प्रस्तुत किए।

अपने ही विभाग के अफसरों के खिलाफ सत्याग्रह कर मांगी कार्रवाई, गिरफ्तार
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महासमुंद. विभाग में हुए भ्रष्ट्राचार पर कार्रवाई की मांग को लेकर सत्याग्रह और अनशन के लिए स्थल की अनुमति नही मिलने के बाद रविवार को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सुधाकर बोदले ने रविवार को अपने निवास में अनशन शुरु कर दिया। इस दौरान मीडिया कर्मियों के समक्ष उन्होनें भ्रष्ट्राचार के प्रमाण भी प्रस्तुत किए। देर शाम सुधाकर को पुलिस उठाकर ले गई और धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक अफसरों द्वारा उन्हें समझाईश दी गई। इस बीच कलेक्टर ने जारी बयान में कहा है कि भ्रष्ट्राचार बर्दाश्त नही होगा, कार्रवाई जरुर होगी। शिकायतों पर उच्चस्तरीय जांच जारी है।

उल्लेखनीय है कि महिला बाल विकास विभाग में 2020 में हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और रेडी टू ईट योजना में लगभग 30 लाख रुपए का भ्रष्ट्राचार हुआ। जिसकी जांच स्वयं बतौर जिलाधिकारी सुधाकर बोदले द्वारा करते हुए जांच प्रतिवेदन में बकायदा दोषियों का नाम भी उल्लेखित किया।

बता दें कि विभागीय सचिव और संचालनालय को जांच प्रतिवेदन भेजे जाने के साल भर बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नही होता देख सुधाकर बोदले द्वारा हितग्राहियों के हक के लिए शनिवार देर शाम कलेक्टर से सत्याग्रह और अनशन की अनुमति चाही गई थी। लेकिन, जैसा अनुमान था वही हुआ। कलेक्टर ने मामले में स्थल उपलब्ध नही कराया। चूंकि शनिवार देर शाम ही विभाग का एक दागदार अफसर कलेक्टर केबिन के आसपास मंडराते देखा गया।

खरीदी की गई सामग्री व रेडी टू ईट को अनशन स्थल पर रखा

सुधाकर बोदले ने अनशन स्थल पर विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विवाह कन्या दान योजना अंतर्गत हितग्राहियों के लिए उनके कार्यकाल में खरीदी की गई सामग्री के साथ पिछले दो वर्ष से खरीदी की जा रही सामग्री को अनशन स्थल में गुणवत्ता दिखाने के लिए रखा। इसके अलावा जांच के दौरान हितग्राहियों को वितरण किए गए रेडी टू ईट को भी उन्होने रखा है। उन्होने बताया कि विवाह योजना के लिए जो सामान खरीदा गए है उसकी कीमत 12 हजार रुपए बताई गई है। जबकि बाजार में उक्त सामग्री की कीमत करीब 7 हजार रुपए है। जिसका मुल्याकन उन्होने स्वयं जांच के दौरान किया है। उन्होने बताया कि कन्यादान योजना में 20 लाख रुपए की गड़बड़ी जांच में सामने आई है।

यह है पूरा मामला

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले ने मीडिया को बताया कि जिले में विगत 2 वर्षों से मुख्यमंत्री कन्या विवाह उपहार सामग्री क्रय में हुई 20 लाख की अनियमितता और महासमुन्द ब्लॉक में मई माह हेतु वितरित रेडी टू ईट में हुई 10 लाख की अनियमितता पर कार्यवाही की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे है।

बोदले ने बताया कि महासमुन्द ब्लॉक में वर्ष 2020 और 2021 में कुल 400 जोड़ों का कन्या विवाह हुआ। वर्ष 2020 में टेंडर की पूरी प्रक्रिया बोदले के जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदस्थ रहते हुए की गई। उनके कार्यकाल में क्रय समिति द्वारा उच्च गुणवत्तापूर्ण ब्रांडेड उपहार सामग्री का चयन क्रय समिति द्वारा किया गया। बाद जिले में नवपदस्थ जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिंहा द्वारा बिना क्रय समिति के अनुमोदन के अन्य फर्म को वर्क आर्डर दे दिया गया। अन्य फर्म द्वारा गुणवत्ताहीन उपहार सामग्री आपूर्ति की गई।

कलेक्टर बोले-अफसरों के बीच खींचतान का परिणाम है यह

मामले को लेकर कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा है कि सुधाकर बोदले द्वारा जो शिकायतें भ्रष्टाचार के संबंध में की गई है। उसमें शासन स्तर से जांच चल रही है एवं जिला स्तर से भी कार्यवाही की जाएगी। किसी प्रकार के भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। 15 मई को को राज्य स्तरीय दल जांच हेतु महासमुंद ब्लॉक आया था। जिसमें रेडी टू ईट फूड की गुणवत्ता एवं प्रदाय संबंधी जांच की गई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत शासकीय नियमों का पालन करते हुए गुणवत्तायुक्त सामग्री का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय अफसरों के बीच आपसी खींचतान का यह मामला दिखाई पड़ता है।

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