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अफसरशाही का नमूना, पंच-सरपंच की वैक्सीनेशन में लगाई ड्यूटी

लोकतंत्र में जनता जनादेश देती है, जनता के कार्य करना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य होता है। लेकिन जब अफसर जनप्रतिनिधियों को ही अपना नौकर समझकर ड्यूटी लगाने लगे तो सवाल खड़े होते हैं। कोरिया जिले के भरतपुर एसडीएम ने पंच, सरपंच और उप सरपंच को सरकार का नौकर बना दिया।

अफसरशाही का नमूना, पंच-सरपंच की वैक्सीनेशन में लगाई ड्यूटी
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कोरिया. लोकतंत्र में जनता जनादेश देती है, जनता के कार्य करना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य होता है। लेकिन जब अफसर जनप्रतिनिधियों को ही अपना नौकर समझकर ड्यूटी लगाने लगे तो सवाल खड़े होते हैं। कोरिया जिले के भरतपुर एसडीएम ने पंच, सरपंच और उप सरपंच को सरकार का नौकर बना दिया। एसडीएम ने एक सरकारी आदेश जारी करते हुए जनप्रतिनिधियों को सरकार का कर्मचारी बताते हुए ड्यूटी पर तैनात कर दिया है। सरपंच से लेकर पंच के अलावा विधायक प्रतिनिधि तक की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, सचिव पंचायत विभाग ने इस आदेश को गलत बताया है।

एसडीएम ने वैक्सीनेशन कार्य में सरकारी कर्मियों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों को भी कर्मचारी मानकर उन्हीं की ग्राम पंचायतों में ड्यूटी पर तैनात करने का आदेश जारी किया है। जनप्रतिनिधियों को सरकारी कर्मी मानते हुए एसडीएम ने अपने आदेश में लिखा है कि 18 से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है। जिसके लिए केंद्र बनाए गए हैं। टीका लगवाने में सहयोग के लिए प्रत्येक केंद्र में कर्मचारियों की ड्यूटी आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लगाई जाती है। इस आदेश में कर्मचारियों के नाम के कॉलम के सामने गांव के सरपंच, उप सरपंच और सभी पंचों के नाम लिखे गए हैं।

सरपंच पति की भी लगा दी ड्यूटी

भरतपुर विकासखंड के ग्राम बहरसी के सरपंच पति की भी कर्मचारी के तौर पर ड्यूटी लगा दी है। उपस्वास्थ्य केंद्र बहरासी में पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह की ड्यूटी लगाई गई है जबकि जबकि उनकी पत्नी यहां से सरपंच है। एक एक केन्द्र में 20 से लेकर 25 लोगो की टीमें तैयार कर केंद्रों में सोशल डिस्टेंशन से कैसे बचा जाएगा यह बडा सवाल खडा हो रहा है।

कर्मचारी बताते हुए तैनाती

भरतपुर विकासखंड मेें 16 केंद्र बनाए हैं, इसके लिए एसडीएम ने जम्बो टीम तैनात की है। शादी और अंतिम संस्कार में 10-10 लोगों को अनुमति है ऐसे में टीकाकरण के लिए 20 से 25 की ड्यूटी पर सवाल खडे होना लाजिमी है।

यह अपमान है

अफसर इतने लापरवाह हो गए हैं कि वे जनता के सेवक को अपना नौकर समझ रहे हैं। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को एसडीएम क्या कलेक्टर तक ड्यूटी का आदेश नहीं कर सकता। ऐसे अफसर के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।

- रविशंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य

बात करेंगे

एसडीएम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को ऐसा आर्डर नही कर सकते। गलत है। जनप्रतिनिधियों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती। बात करेंगे।

- आर प्रसन्ना, सचिव, पंचायत विभाग

अफसर नहीं लगा सकता ड्यूटी

एसडीएम हमारी ड्यूटी नही लगा सकता है। हम लोग एसडीएम के कर्मचारी नही हैं जो वो हम लोग का ड्यूटी लगाए। हम लोग जनता के कर्मचारी हैं। हमारी कोई सरकारी नौकरी नही है कि हमारी ड्यूटी लगाएं।

- जयमनिया बाई, सरपंच, जनकपुर

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