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5 लाख नौकरियों पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- रमन की खीझ, बृजमोहन बोले- श्वेतपत्र जारी करे सरकार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा तीन साल में 5 लाख युवाओं को नौकरियां दिए जाने को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस दावे को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच ही जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस ने जहां पांच लाख नौकरियों के दावे पर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के सवाल को खीझ करार दिया है। वहीं भाजपा ने मामले में श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। पढ़िए पूरी ख़बर..

5 लाख नौकरियों पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- रमन की खीझ, बृजमोहन बोले- श्वेतपत्र जारी करे सरकार
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रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा तीन साल में 5 लाख युवाओं को नौकरियां दिए जाने को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के सवाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि उनको पीड़ा है कि जो काम वे 15 साल में नहीं कर पाए भूपेश बघेल ने उसे 3 साल में कैसे कर दिया। 15 साल तक युवाओं के रोजगार को समाप्त करने वाले डॉ. रमन सिंह को यह कैसे बर्दाश्त होगा कि कांग्रेस सरकार ने 3 साल में ही 5 लाख से अधिक युवाओं के लिए नौकरियों की व्यवस्था की है। इस दावे को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच ही जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस ने जहां पांच लाख नौकरियों के दावे पर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के सवाल को खीझ करार दिया है। वहीं भाजपा ने मामले में श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। दूसरी ओर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। इधर कांग्रेस का दावा है कि सत्ता परिवर्तन के पहले 2018 में जहां राज्य का बेरोजगारी दर 22 प्रतिशत से ऊपर था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के तीन साल के कार्यकाल में युवाओं को सरकारी नौकरी में अवसर देने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे हैं। अनेक रोजगार मूलक कार्यों के चलते घटकर 2.1 प्रतिशत हो गई है जो राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत से आधे से भी कम है।

दिवास्वप्न बन गई थी नौकरी

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, रमन राज में 15 साल तक छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी दिवास्वप्न बन गई थी। भाजपा सरकार 15 सालों में पीएससी की 15 परीक्षाएं भी नहीं आयोजित करवा पाई। व्यापम अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद युवाओं के लिए सरकारी नौकरी में भर्ती के द्वार खोले गए। नियमित और अनियमित दोनों प्रकार की भर्तियां निकाली गई।

इधर... रमन के ट्वीट पर हड़कंप

नौकरियों के आंकड़े को लेकर घमासान के बीच मंगलवार देर रात पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से हुए ट्वीट से हड़कंप मच गया। राज्य सरकार पर नाैकरियों के आंकड़ों को लेकर डॉ. रमन सिंह सवाल उठा रहे हैं, लेकिन उन्हीं के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से पांच लाख नौकरियों की विस्तृत जानकारी और आंकड़ों वाला ट्वीट गलती से पोस्ट हो गया। साथ ही भाजपा के राज में बेरोजगारी का प्रतिशत अधिक होने और कांग्रेस राज में कम होने का उल्लेख भी इसमें था। पोस्ट होने के कुछ ही मिनट के भीतर इस ट्वीट को हटा दिया गया, लेकिन तब तक कांग्रेस ने इसे लपक लिया। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इसे रीट्वीट कर कहा कि डॉ. रमन सिंह ने अंतत: सच्चाई स्वीकार कर ही ली।

बेरोजगारों से मजाक कर रही सरकार

भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पांच लाख रोजगार देने को प्रदेश के बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक और शिगूफा बताया है। उन्होंने मांग की कि सरकार रोजगार के मुद्दे पर श्वेतपत्र जारी करे। उन्होंने कहा, ऐसा क्रूर मजाक कांग्रेस कर रही है कि इसकी इंतहां नहीं है। वे कहते हैं कि हमने पांच लाख लोगों को रोजगार दिया, तो उन्हें इस मुद्दे पर श्वेतपत्र जारी कर विभिन्न विभाग में कितने-कितने लोग भर्ती हुए हैं, इसकी सम्पूर्ण जानकारी देना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने पांच लाख नौकरियों के मुद्दे पर एक बार फिर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में पांच लाख नौकरियां देने के दावे पर दी गई चुनौती पर खामोशी ने साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के लोग केवल झूठ का रायता फैलाने में लगे हैं। अगर प्रदेश सरकार के दावे में जरा भी सच होता तो विभागवार दी गई नौकरियों का पूरा ब्योरा प्रदेश के सामने रखने का साहस दिखाते।

मूणत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की चुनौती से डरे कांग्रेस के लोग कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं। प्रदेश सरकार के दावों की सच्चाई पूरा प्रदेश जानता है। इस सरकार ने कोई पांच लाख नौकरियां नहीं दी है। इस सरकार और कांग्रेस के लोगों का एक ही काम पूरे तीन साल में रहा है झूठ बोलना। झूठे दावे करके शेखी बघारना। मूणत ने कहा, जिस सरकार ने प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को वादा करके भी तीन साल के 9 हजार करोड़ रुपए के बेरोजगारी भत्ते के नाम पर फूटी-कौड़ी तक नहीं दी, उस सरकार को तो सार्वजनिक रूप से ऐसे झूठ बोलने से पहले शर्म से गड़ जाना चाहिए। अपने झूठ का रायता फैलाने में भी प्रदेश सरकार प्रदेश की जनता का 300-300 करोड़ रुपए प्रदेश में और 100-100 करोड़ रुपए प्रदेश के बाहर पाानी की तरह बहाने में जरा भी नहीं हिचकती। मूणत ने कहा कि 14 हजार 580 शिक्षक अभ्यर्थियों में से अधिकांश लोगों को अभी तक नियुक्ति आदेश नहीं मिला है। प्रदेश सरकार पांच लाख नौकरियां देने की बात करती है।

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