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अयोध्या न जाने के मलाल से ज्यादा राम मंदिर भूमिपूजन की खुशी

कार सेवकों ने कहा- उसी समय पर करेंगे घरों में भगवान राम की पूजा-अर्चना

अयोध्या न जाने के मलाल से ज्यादा राम मंदिर भूमिपूजन की खुशी
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रायपुर. अयाेध्या में 5 अगस्त को राममंदिर के भूमिपूजन में यहां के कार सेवकों को न जाने का मलाल तो जरूर है, पर उनको इससे ज्यादा खुशी राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने की है। इनका कहना है, हम भले वहां नहीं जा पा रहे हैं, लेकिन जिस समय अयोध्या में भूमिपूजन का कार्यक्रम होगा, ठीक उसी समय यहां पर अपने-अपने घरों के साथ मंदिरों में भी भगवान राम की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद जब भी समय मिलेगा, राम मंदिर के निर्माण में हिस्सा लेने जरूर जाएंगे और वहां कार सेवा भी करेंगे।

राम मंदिर बनाने का सपना साकार करने के लिए देशभर के रामभक्तों ने एक बार नहीं, बल्कि दो बार अयोध्या कूच किया था। पहली बार 1990 में और दूसरी बार 1992 में। दूसरी बार का कूच ही काम आया था, जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था। दोनों बार की कार सेवा में राजधानी रायपुर से ही सैकड़ों लोग गए थे। इनमें ज्यादातर विश्व हिंदू परिषद और शिव सेना के साथ भाजपा के कार्यकर्ता थे। इन सभी का मन था कि वे राम मंदिर के भूमिपूजन के साक्षी बनें, लेकिन कोरोनाकाल के कारण इनका जाना संभव नहीं हो रहा है।

यहीं करेंगे पूजा-अर्चना

कार सेवा में जाने वालों में शिव सैनिक ही सबसे ज्यादा थे। इन सबका नेतृत्व करने वाले धनजंय सिंह परिहार थे। श्री परिहार कहते हैं, वहां न जा पाने का जितना मलाल होता, उससे ज्यादा इस बात का खुशी है कि देशभर के कार सेवकों के साथ सभी हिंदुओं के मन की इच्छा पूरी होने जा रही है और अयोध्या में अब राम मंदिर बन रहा है।

मंदिर बनने के बाद जाएंगे : नरेंद्र

राम मंदिर के लिए एक बार नहीं, दो बार कार सेवा में शामिल हाेने वाले विश्व हिंदू परिषद के नरेंद्र फूलसिंह यादव को इसका मलाल है कि वे अध्योया नहीं जा पा रहे हैं। वे कहते हैं, अभी नहीं जा पा रहे हैं तो क्या हुआ, जब मंदिर बन जाएगा तो अपने परिवार के साथ वहां जाएंगे और कार सेवा करेंगे। भले वहां झाडू लगाकर आएंगे, लेकिन कार सेवा करेंगे। वे बताते हैं, पहली बार जब वे कार सेवा के लिए 1990 में गए तो उनको और उनके 29 साथियों को, जिनमें विवेक गनोदवाले, सहदेव महानंद, भूपेंद्र देवांगन, संजय श्रीवास्तव सहित बाकी लोग शामिल थे, अयोध्या से पहले ही मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया। सभी को दस दिनों तक जेल में रहना पड़ा।

फिर रह गया मलाल

रायपुर के कार सेवकों में शामिल शिवसैनिक सुनील नागरकर, सुनील कुकरेजा, दिनेश ठाकुर, श्रीनिवास पटनायक, शीबू शुक्ला, सूरज साहू और धनेश साहू का कहना है कि वे लोग भी कार सेवा करने के लिए रायपुर के जत्थे के साथ गए थे। हम लाेगों के जत्थे को ढांचे से करीब 15 किलोमीटर पहले गिरफ्तार कर लिया गया। हम लोगों को वहां तक न पहुंच पाने का आज तक मलाल है, हम लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह तय करके चल रहे थे कि जब भी राम मंदिर का निर्माण होगा तो वहां जाएंगे, लेकिन कोरोना के कारण एक बार फिर से दिल में मलाल ही रह गया।

हनुमान मंदिर में करेंगे पूजा

उस समय बजरंग दल के प्रदेश संयोजक रहे पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव का कहना है, अगर कोरोनाकाल नहीं होता, जरूर भूमिपूजन में यहां से सैकड़ों लोग जाते, लेकिन इस समय कोरोना को देखते हुए जाना संभव नहीं है। वे कहते हैं, जशपुर में हनुमान मंदिर में उसी दिन पूजा-अर्चना करेंगे। इसी के साथ सभी अपने घरों पर भी पूजा-पाठ करने के साथ दीप जलाएंगे।

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