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राजनांदगांव : आदिवासी नेता की बेटी से जंगल में गैंगरेप, खाप पंचायत ने किया नज़रबंद

खाप पंचायत में नजरबंद पीड़िता, दिनभर संज्ञान नहीं ले पाई मानपुर पुलिस

राजनांदगांव : आदिवासी नेता की बेटी से जंगल में गैंगरेप, खाप पंचायत ने किया नज़रबंद
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राजनांदगांव। अंबागढ़ चौकी-मानपुर मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम मे एक आदिवासी बालिका दूसरी बार अनाचार का शिकार हो गई।

शुक्रवार को मानपुर मुख्यालय में आदिवासी कार्यक्रम में पहुंची युवती वापसी के दौरान जंगल में गैंगरेप की शिकार हो गई। खबर लिखे जाने तक युवती को गांव में खाप पंचायत लगाकर नजरबंद कर दिया गया। दिन भर चले इस घटनाक्रम में मानपुर पुलिस की निकम्मापन सामने आया है, जहां मामले का पुलिस ने संज्ञान तक नहीं ले पाई।

मिली जानकारी के अनुसार मानपुर में शुक्रवार दोपहर बाद धारा 144 लगने के बावजूद अचानक कथित आदिवासी मोर्चा के नाम पर बस स्टैंड में हो हल्ला शुरू हो गया। झंडा बैनर तीर कमान लेकर लोग हिंदू धर्म और भगवा के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। इसी कार्यक्रम में एक बड़े आदिवासी नेता की बेटी कार्यक्रम में शरीक हुई।

बताया गया कि वापसी के दौरान देर शाम इसी प्रदर्शन में शामिल युवकों ने आदिवासी नेता की बेटी के साथ पूरी रात जंगल में गैंगरेप किया और घटनास्थल से फरार हो गए। सुबह खोज खबर करते हुए अचेत अवस्था में युवती को बंधे हुए अवस्था में जंगल से बरामद किया गया ।

गैंगरेप पीड़िता को लेकर मानपुर के काफी नजदीकी गांव में बैठक आयोजित की गई। गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया। किसी भी बाहरी आने जाने वाले लोगों को डांट डपट कर गांव से भगा दिया गया। पीड़िता को नजरबंद करते हुए इस मामले की थाने तक रिपोर्ट दर्ज कराने, खबर लिखे जाने तक रोक दिया गया है।

मामले को लेकर 'हरिभूमि' को बताया गया कि गैंगरेप की पीड़िता के साथ 3 वर्ष पूर्व अनाचार की घटना घटित हुई। उस वक्त पीड़िता नाबालिग थी। आरोपी जेल में है और उसके बाद शुक्रवार रात आदिवासी बाला दूसरी बार गैंगरेप की शिकार हो गई।

आदिवासी सम्मेलन से लौटने के बाद जंगल में 5 आरोपियों ने आदिवासी वाला के साथ बारी-बारी से अनाचार की घटना को अंजाम दिया, जिसमें से गांव वालों ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है। बताया गया कि 2 आरोपी इस मामले में फरार हैं।

नक्सलियों से लड़ने का दम भरने वाली मानपुर पुलिस लाचार बेबस और मुकदर्शक बनी हुई है। आदिवासी लड़की के साथ दूसरी बार गैंगरेप का मामला सामने आया है। खाप पंचायत का दबाव है कि लड़की थाना ना जाए।

पुलिस के तमाम अफसरों को मामले का संज्ञान होने के बावजूद मानपुर पुलिस गांव पहुंचकर पीड़िता का बयान नहीं दर्ज कर पायी।

रमेश ऐरेवार (डीएसपी नक्सल ऑपरेशन, मानपुर) का कहना है कि मामला संज्ञान में है। नक्सली इफेक्ट होने के कारण पुलिस गांव नहीं पहुंच पाई, लेकिन पुलिस वहां पहुंचेगी और मामले में कार्रवाई होगी।

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