Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

नाबालिग को भगाने के जुर्म में सजा काट रहा कैदी बिलासपुर के केन्द्रीय जेल से फ़रार

केंद्रीय जेल परिसर के गोशाला में पेंटिंग का काम कर रहा कैदी शनिवार को शाम जेल प्रहरियों को चकमा देकर भाग निकला। जेल अधीक्षक आरआर राय के निर्देश पर गोशाला में उससे पेंटिंग कराई जा रही थी। पढ़िए पूरी खबर।

नाबालिग को भगाने के जुर्म में सजा काट रहा कैदी बिलासपुर के केन्द्रीय जेल से फ़रार
X

बिलासपुर: मूल रूप से रायगढ़ जिले के छाल के महंतपारा का रहने वाले सत्यम दास वर्ष 2014 से रायगढ़ जेल में बंद था। वह नाबालिग लड़की को अपने दोस्तों के साथ जबरिया भगाकर ले गया था। उसके खिलाफ धारा 363, 366, 368, 34 व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। 15 फरवरी 2016 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल ट्रांसफर किया गया। सत्यम 21 फरवरी 2016 से केंद्रीय जेल मंं सजा काट रहा था।

बताया जा रहा है कि सत्यम दास जेल में रहते हुए पेंटिंग सीखने लगा था। धीरे-धीरे कर कुछ ही दिनों में वह पेंटिंग की कला में पारंगत हो गया था। जेल के अंदर कई आकर्षक पेंटिंग बनाकर उसने जेल अफसरों का भरोसा जीत लिया था। यही वजह है कि जेल प्रबंधन उससे जेल के बाहर भी काम ले रहा था।

केंद्रीय जेल के बैरक के बाहर परिसर में गोशाला है। यहां शनिवार को जेल कैदियों से काम करवा रहे थे। कैदी सत्यम दास महंत (30 साल) से जेल में रहते हुए पेंटिंग प्रशिक्षण हासिल कर चुका है और अब वह पेंटर बन गया था। लिहाजा, जेल अधीक्षक आरआर राय के निर्देश पर गोशाला में उससे पेंटिंग कराई जा रही थी। इस दौरान सत्यम को भरोसेमंद समझकर जेल प्रहरी व उनकी देखरेख करने वाले लंबरदार इधर-उधर व्यस्त हो गए। तभी मौका पाकर उन्हें चकमा देते हुए सत्यम दास फरार हो गया। जेल प्रहरियों को करीब 6 बजे पता चला की सत्यम दास नहीं है। उन्हें लगा कि वह जेल के अंदर चला गया होगा। इस पर जेल गेट में आकर पूछताछ की गई। लेकिन, वह अंदर नहीं पहुंचा था। तब प्रहरियों ने आसपास उसकी तलाश की। करीब आधे घंटे तक इधर-उधर उसकी खोजबीन करते रहे। कहीं पता नहीं चलने पर उसके फरार होने की सूचना जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को दी गई।

खबर सुनकर जेल अफसरों के होश उड़ गए। उन्होंने जेल प्रहरियों को उसे ढूंढने के निर्देश दिए। करीब ढाई घंटे तक जेल प्रबंधन अपने स्तर पर ही उसकी खोजबीन में जुटे रहे। आखिरकार सत्यम दास उन्हें नहीं मिला। तब उन्होंने इस घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की।

Next Story