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फेक कॉल्स से पुलिस परेशान, शरारतों पर लगाम कसने थानों में भेजे गए प्रकरण

डायल 112 की इमरजेंसी सेवा में आ रहे फेक कॉल्स से पुलिस परेशान है। तंग आकर वे सारे नम्बरों को ब्लैंक कालर्स की सूची में डाल रहें हैं। डायल 112 की इमरजेंसी सेवा से अब तक 17 लाख से ज्यादा लोगों को मदद मिली है, लेकिन कुछ लोग इस सेवा में अड़चन डालने की कोशिश कर रहे हैं। पढिए पूरी खबर-

फेक कॉल्स से पुलिस परेशान, शरारतों पर लगाम कसने थानों में भेजे गए प्रकरण
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रायपुर । फोन के पीछे शरारत करने की शिकायत तो आए दिन आती रहती हैं लेकिन ये शरारतें अब पुलिस के साथ हो रही है। पुलिस के साथ ऐसी दर्जनभर शिकायतें दर्ज हैं। इस बीच फोन लगाकर साइलेंट टाइम पास करने वालों ने भी नाक में दम कर दिया है। डायल 112 की इमरजेंसी सेवा में एक-दो नहीं, बल्कि ऐसे 36 लाख फोन कॉलर्स हैं, जिन्होंने बार-बार फोन की घंटी बजाई तो है, लेकिन हैलो कहने के बाद चुप्पी साध ली। आखिर में पुलिसकर्मी व डायल 112 स्टाफ ने तंग आकर इन नंबरों को रिमार्क करते हुए ब्लैंक कॉलर्स की सूची में डाल दिया है। नंबर देखकर ही कर्मचारी पता लगा लेते हैं कि फोन उठाने से भी धारक से कोई जवाब नहीं मिलेगा। अचानक फोन घुमाकर अज्ञात द्वारा सिर्फ टाइमपास किया जाएगा। कई बार कर्मचारी भी गूंगे कॉल्स के बदले अब जवाब नहीं देते, ताकि रिस्पांस नहीं मिलने पर फोन लगाने वाला अपनी ओर से फोन काट ले। डायल 112 की इमरजेंसी सेवा में प्रदेशभर से रोजाना 7 से 8 हजार फोन कॉल्स रिसीव किए जा रहे हैं। सेंट्रल कमांडिंग सेंटर में फोन लगाकर टाइम पास करने के साथ शरारत करने वाले 30 फीसदी फोन कॉल्स से कर्मचारी परेशान होने को मजबूर हैं।

बता दें कि सिविल लाइंस कैंपस में सेंट्रल डायल 112 के कमांडिंग सेंटर से सितंबर 2018 से अब तक 17 लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों को मदद पहुंचाई गई है। जरूरतमंद या पीड़ित के किसी घटना के बारे में सूचना देने पर क्विक रिस्पांस टीम मौके पर दौड़ी है। किसी अप्रिय घटना के बारे में रास्ते से गुजरते वक्त या फिर मौके पर बतौर प्रत्यक्षदर्शी 11 लाख से ज्यादा लोग डायल 112 के हेल्प लाइन नंबर में संपर्क साधा है।

लेकिन कुछ फोन कॉलर्स ने पुलिस को सिर्फ इंटरटेनमेंट के लिए फोन लगाया है। डायल 112 में दर्ज फोन रिकार्ड में 9 लाख 84 हजार फोन कॉलर्स ऐसे निकले हैं, जिन्होंने या तो किसी युवती से बात करने, कोई गाना सुनाने या फिर दूसरे तरह के मनोरंजन कराने के बहाने शरारत की है। रोज इमरजेंसी में 8 हजार लोगों के फोन कॉल्स के बीच 40 फीसदी ऐसे लोग संपर्क कर परेशानी बढ़ाने में लगे हुए हैं।

इस विषय पर एसपी धमेंद्र सिंह ने बताया कि डायल 112 में फेक कॉल्स की संख्या देखते हुए शरारत पर लगाम कसने कई लोगों के खिलाफ प्रकरण थाना में भेजे गए हैं। आमातौर पर शरारती संपर्क करते हैं और फिर मजाक शुरू कर देते हैं। कई ऐसे भी हैं, जो फोन लगाकर साइलेंट हो जाते हैं तो कोई फोन की घंटी बार-बार बजाते रहते हैं।

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