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VIDEO: संत कालीचरण का वो भाषण जिस पर मचा बवाल: FIR कराने मोहन मरकाम देर रात पहुंचे थाने

जिस कालीचरण को कांग्रेसी धर्म संसद में हाथ जोड़ प्रणाम कर रहे थे, उसके खिलाफ FIR करवाने थाने पहुंचे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ढोंगी बाबा हाय..हाय.. के नारे लगा रहे थे। इस कार्यक्रम के मुख्य संरक्षकों में कांग्रेस के विधायक विकास उपाध्याय, महंत रामसुंदर दास, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल, निगम सभापति प्रमोद दुबे, विधायक सत्य नारायण शर्मा शामिल थे। पढ़िए पूरी ख़बर..

VIDEO: संत कालीचरण का वो भाषण जिस पर मचा बवाल: FIR कराने मोहन मरकाम देर रात पहुंचे थाने
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रायपुर: राजधानी में आयोजित धर्म संसद में महाराष्ट्र के संत कालीचरण के भाषण में कालीचरण ने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीतिक तौर पर राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन 1947 में हमने देखा है, मोहन दास करमचंद गांधी ने देश का सत्यानाश किया, नमस्कार है नाथूराम गोडसे को जिन्होंने उन्हें मार दिया। मंच से जब कालीचरण ने ये बात कही, भीड़ ने तालियां बजाईं, जय श्री राम के नारे भी लगाए। कालीचरण गांधी के खिलाफ ये बातें कहकर चले गए, मंच पर रायपुर के ही संत और गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास को गुस्सा आ गया। उन्होंने माइक पर नीलकंठ त्रिपाठी को लताड़ते हुए कहा कि यही है धर्म संसद, मेरे नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया, अपनी मनमानी ही करनी थी तो मुझे क्यों बुलाया। मैं खुद को इस कार्यक्रम से पृथक करता हूं।

मामला इस कदर बिगड़ा की जिस कालीचरण को कांग्रेसी धर्म संसद में हाथ जोड़ प्रणाम कर रहे थे, उसके खिलाफ FIR करवाने थाने पहुंचे। खुद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ढोंगी बाबा हाय..हाय.. के नारे लगा रहे थे। मरकाम ने कहा कि गांधी का अपमान देश का अपमान है, हम इसलिए केस दर्ज करवाने आए हैं। रविवार देर रात सिविल लाइंस थाने में जाकर मोहन मरकाम समेत दो दर्जन कांग्रेसियों ने आवेदन दिया। नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे के आवेदन के आधार पर टिकरापारा थाने में केस दर्ज किया गया।

संत कालीचरण को सार्वजनिक शांति भंग करने के मकसद से कुछ आपत्तिजनक कहना, अलग-अलग समुदायों के प्रति नफरत पैदा करना और अश्लील गाली गलौज करना, के तहत आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ रायपुर में FIR दर्ज कर ली गई है।

NCP, कांग्रेस और भाजपा से जुड़े हैं आयोजक

इस धर्म संसद का आयोजन 25 दिसंबर को हुआ था। इसका आयोजन नीलकंठ सेवा संस्थान के संस्थापक पं नीलकंठ त्रिपाठी ने करवाया जो खुद NCP नेता भी हैं। मुख्य संरक्षकों में महंत रामसुंदर दास, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, विधायक विकास उपाध्याय, निगम सभापति प्रमोद दुबे, विधायक सत्य नारायण शर्मा थे। संरक्षकों में IAS (रिटा.) भाजपा नेता गणेश शंकर मिश्रा, पार्षद ज्ञानेश शर्मा थे। धर्म संसद के पहले दिन कार्यक्रम में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह शामिल हुए, आखिरी दिन CM भूपेश बघेल भी आने वाले थे मगर उनका आना अचानक रद्द हो गया।

IPC की गैर जमानती धाराएं लगाई गई हैं

विरेंद्र चर्तुवेदी ने बताया कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेंगे, मोहन मरकाम की तरफ से मिली शिकायत को थाने में भेज दिया गया है। खबर है कि शाम को कार्यक्रम में बयान देने के फौरन बाद कालीचरण महाराष्ट्र के लिए रवाना हो चुके हैं। देखिए एक्सक्लूसिव वीडियो..








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