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कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर पांडेय ने उठाए गंभीर सवाल: प्रशासनिक भेदभाव पर किया तीखा हमला

भिलाई नगर निगम चुनाव की मतगणना और उसके बाद कलेक्टर की भूमिका पर श्री पांडेय ने तीखा हमला किया है। पूर्व मंत्री ने यहां तक कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में इतनी नग्नता के साथ काम करने वाला कलेक्टर मैंने नहीं देखा, वह शासन के तलवे चाट रहा हो। उन्होंने और क्या-क्या कहा, पढ़िए...

कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर पांडेय ने उठाए गंभीर सवाल: प्रशासनिक भेदभाव पर किया तीखा हमला
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भिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने दुर्ग कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भिलाई नगर निगम चुनाव की मतगणना और उसके बाद कलेक्टर की भूमिका पर श्री पांडेय ने तीखा हमला किया है। पूर्व मंत्री ने यहां तक कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में इतनी नग्नता के साथ काम करने वाला कलेक्टर मैंने नहीं देखा, वह शासन के तलवे चाट रहा हो।

पूर्व मंत्री पांडेय ने चुनाव नतीजों पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, 'प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का इस जिले के कलेक्टर को निर्देश था। इसलिए कलेक्टर ने इस तरह का नग्नता पूर्ण प्रदर्शन किया। हमने कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया। आप ही बताओ ये कैसा न्याय है, एक वोट से जीते प्रत्याशी को तुम तुरंत प्रमाण पत्र दे रहे हो और तीन वोट से जीते प्रत्याशी की रिकाउंटिंग करा रहे हो। लोकतंत्र की लड़ाई में मुख्यमंत्री यूपी में जाकर बोलते हैं कैसा कलेक्टर है और खुद ऐसा कलेक्टर पाल कर रहे हैं, जिसकी नीयत ठीक नहीं है। जिसकी नियति कुछ नहीं है। सिर्फ और सिर्फ सरकार और सरकारी जो नेता हैं उनके कहने पर काम करता है। पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, 'कलेक्टर यह न भूलें कि उसे बहुत लंबी सर्विस करनी है। ऐसी नग्नता का प्रदर्शन करेगा तो जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ेगा। राजनेता तो आते जाते रहते हैं। ये तीन साल के मुख्यमंत्री हैं हमारे पास तो 15 साल वाले हैं। इस तरह से वह कार्य करेगा तो उसका भविष्य ठीक नहीं है।' वहीं, दुर्ग सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने निकाय चुनाव जीता नहीं लूटा है।

प्रशासनिक भेदभाव के दिए उदाहरण

चुनाव की घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और बूथ एजेंट के घरों में पुलिस को भेजकर भय व आतंक का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया गया। इससे उनके परिवार में डर का वातावरण निर्मित हुआ है। स्ट्रांग रूम में जहां मत पेटियां रखी गयीं थीं वहां किसी को भी जाने की अनुमति नहीं होती। इसके बाद भी भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव कांग्रेस के कुछ प्रत्याशियों को लेकर वहां पहुंच जाते हैं। यह आदर्श आचार संहिता के खिलाफ है। सुबह से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर जाने से रोका गया। इसके विपरीत कांग्रेस और NSUI के लोग बड़ी संख्या में वहां मौजूद थे। चुनाव नियमों के अनुसार प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर जाने का अधिकार है। इसके बाद भी केवल BJP के प्रत्याशियों को वहां जाने से रोकना संदेहों को जन्म देता है।

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