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न्याय योजना की दूसरी किश्त 20 अगस्त को, मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में कई अहम फैसले...

आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई. यह निर्णय लिया गया है कि अभी अनलॉक की जो स्थिति है वह यथास्थिति आगे भी जारी रहेगी. प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन पर आगे भी रोक लगी रहेगी. शेष आर्थिक गतिविधियां पहले की तरह संचालित रहेंगी. मोहम्मद अकबर ने हाथियों की मौत के मामले में जानकारी इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है.

प्रशासनिक फेरबदल की अटकलों से छत्तीसगढ़ सरकार के प्रवक्ता मंत्री रविंद्र चौबे का इनकार
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मंत्री रविंद्र चौबे (फाइल फोटो)

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अध्यक्षता में कोई मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में कई अहम फैसला लिया गया है. बैठक के बाद कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इन फैसलों की जानकारी दी. कृषि मंत्री ने बताया कि बैठक में कई अहम विषयों पर निर्णय लिया गया है. किसानों को 20 अगस्त को राजीव गांधी नया योजना की दूसरी किश्त दी जाएगी.

बैठक में कोरोना संकट से रोकथाम और प्रवासी मजदूरों की वापसी को लेकर भी निर्णय लिया गया है. सभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों में बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि जुलाई महीने से स्कूल और कॉलेजों को खोलना संभव नहीं है. केंद्र सरकार से इस संबंध में गाइडलाइन भी आ चुकी है.

स्कूलों को खोलने के लिए अगली तारीख तय की जाएगी. सभी स्कूल कॉलेज जुलाई महीने से एडमिशन की शुरुआत कर सकेंगे. केंद्र से छत्तीसगढ़ को लगभग 14 सौ करोड रुपए की राशि मिलना बाकी है. जो अब तक नहीं मिला है. इसके लिए भी केंद्र सरकार से आग्रह करने का निर्णय लिया गया है.

प्रदेश में मास्क पहनना अनिवार्य किया जाएगा. कोई भी व्यक्ति अगर नहीं पहनेगा तो उसे 100 रुपए जुर्माना लिया जाएगा. जुर्माना लेने का आशय किसी को प्रताड़ित करना नहीं है, लेकिन प्रदेश में मास्क को प्रोत्साहित करने के लिए या फैसला लिया गया है.

आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई. यह निर्णय लिया गया है कि अभी अनलॉक की जो स्थिति है वह यथास्थिति आगे भी जारी रहेगी. प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन पर आगे भी रोक लगी रहेगी. शेष आर्थिक गतिविधियां पहले की तरह संचालित रहेंगी. मोहम्मद अकबर ने हाथियों की मौत के मामले में जानकारी इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है.

समिति 20 दिनों के भीतर मौत के मामले में विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी. हाथियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई ? क्या यह किसी की लापरवाही से हुई ?इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं? उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए? इन तमाम विषयों को लेकर जांच समिति अपना प्रतिवेदन 20 दिन के भीतर सौंपेगी.

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