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'ओमिक्रॉन' तय करेगा परीक्षा केंद्र, संक्रमण बढ़ा तो अपने स्कूल में ही पर्चे हल करेंगे छात्र

दसवीं की परीक्षा में 3,80,027 और बारहवीं की परीक्षा में शामिल होंगे 2,93,425 छात्र, अगले माह जारी होंगे प्रवेशपत्र। इससे पहले परीक्षा केंद्र का निर्धारण आवश्यक। पढ़िए पूरी ख़बर..

ओमिक्रॉन तय करेगा परीक्षा केंद्र, संक्रमण बढ़ा तो अपने स्कूल में ही पर्चे हल करेंगे छात्र
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रायपुर: माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं का केंद्र इस बार ओमिक्रॉन तय करेगा। मंडल द्वारा फिलहाल यह निर्णय नहीं लिया गया है कि छात्र अपने स्कूल में ही परीक्षा दिलाएंगे अथवा अन्य विद्यालय में उनके लिए केंद्र बनाए जाएंगे। मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के दौरान जो हालात रहेंगे, उसे देखते हुए ही तत्कालीन रूप से फैसला लिया जाएगा। यदि कोरोना संक्रमण बढ़ जाता है, तो छात्र अपने स्कूल में ही परीक्षा दिलाएंगे। वहीं यदि कोरोना की तीसरी लहर का पीक समाप्त हाेकर स्थिति सामान्य हो जाती है, तो विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में जाकर परीक्षा दिलानी होगी।

बीते सत्र में कोरोना संक्रमण के कारण माशिम द्वारा छात्रों द्वारा उनके स्कूल में ही परीक्षा दिलाने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि बाद में हायर सेकंडरी के छात्रों को घर से पेपर हल करने की छूट दी गई और हाईस्कूल के विद्यार्थियों का मूल्यांकन असाइनमेंट के आधार पर हुआ। वर्तमान सत्र में भी 10वीं-12वीं के छात्रों को 6 असाइनमेंट माशिम द्वारा प्रदान किए गए हैं। इनमें से कम से कम 2 असाइनमेंट छात्रों द्वारा जमा करना अनिवार्य है। अन्यथा छात्रों को वार्षिक परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी।

प्रायोगिक परीक्षा में बदली गई है व्यवस्था

2 मार्च से बारहवीं कक्षा की तथा 3 मार्च से दसवीं की परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं। इसके पूर्व फरवरी अंत तक दोनों ही कक्षाओं के प्रवेशपत्र माशिम द्वारा जारी किए जाएंगे। दसवीं की परीक्षा में 3,80,027 छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें से 3,77,667 नियमित तथा 2,360 छात्र प्राइवेट हैं। वहीं 2,93,425 विद्यार्थी बारहवीं की परीक्षा दिलाएंगे। इनमें से 2,89,808 नियमित तथा 3,617 प्राइवेट छात्र हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए माशिम द्वारा प्रायोगिक परीक्षा को लेकर व्यवस्था बदली जा चुकी है। प्रैक्टिकल एग्जाम में बाह्य परीक्षक की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब स्कूल के शिक्षक ही छात्रों की परीक्षाएं लेंगे। जहां संक्रमण दर कम है, वहां प्रायोगिक परीक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो चुकी हैं।

दो महीने का वक्त

वार्षिक परीक्षाओं में अभी दो माह का वक्त है। केंद्र के संदर्भ में तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेंगे।

- प्रो. वीके गोयल, सचिव, माशिम

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