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बसने से पहले ही उजड़ रहा नया बस स्टैंड, खिड़कियां टूटीं, लाइट पोल उखड़े, नशेड़ियों ने बनाया अड्डा

पब्लिक प्रॉपर्टी की दुर्दशा नींव से निर्माण तक किस कदर की जाती है, इसका अंदाजा लगाना हो, तो रावणभाठा में 49़ 21 करोड़ रुपए की लागत से बने नये अंतरराज्यीय बसस्टैंड भवन को देखिए। उद्घाटन से पहले इस भवन की चारों ओर की खिड़कियों के टूटे शीशे, उखड़े स्ट्रीट पोल, बिजली के गायब हो चुके स्विच, बदहाल फायर सेफ्टी सिस्टम बॉक्स की पाइप और दीवारों पर पड़ी दरारें उनके बसने से पहले उजड़ने का मंजर बयां कर रहे हैं। अंतरराज्यीय बसस्टैंड के परिसर में नशेड़ियों व असामाजिक तत्वों ने अपना अड्डा बना लिया है, जो भवन व परिसर में लगे सामान काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इधर नगरीय प्रशासन विभाग व नगर निगम ने पिछले 20 महीने से अंतरराज्यीय बसस्टैंड के उद्घाटन को अटका कर रखा है।

बसने से पहले ही उजड़ रहा नया बस स्टैंड, खिड़कियां टूटीं, लाइट पोल उखड़े, नशेड़ियों ने बनाया अड्डा
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रायपुर. पब्लिक प्रॉपर्टी की दुर्दशा नींव से निर्माण तक किस कदर की जाती है, इसका अंदाजा लगाना हो, तो रावणभाठा में 49़ 21 करोड़ रुपए की लागत से बने नये अंतरराज्यीय बसस्टैंड भवन को देखिए। उद्घाटन से पहले इस भवन की चारों ओर की खिड़कियों के टूटे शीशे, उखड़े स्ट्रीट पोल, बिजली के गायब हो चुके स्विच, बदहाल फायर सेफ्टी सिस्टम बॉक्स की पाइप और दीवारों पर पड़ी दरारें उनके बसने से पहले उजड़ने का मंजर बयां कर रहे हैं। अंतरराज्यीय बसस्टैंड के परिसर में नशेड़ियों व असामाजिक तत्वों ने अपना अड्डा बना लिया है, जो भवन व परिसर में लगे सामान काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इधर नगरीय प्रशासन विभाग व नगर निगम ने पिछले 20 महीने से अंतरराज्यीय बसस्टैंड के उद्घाटन को अटका कर रखा है।

अंतरराज्यीय बसस्टैंड का उद्घाटन मई 2019 में होना था। इसके लिए नगर निगम के पूर्व कमिश्नर शिव अनंत तायल ने 16 अप्रैल 2019 काे बीआरटी बसों को अंतरराज्यीय बसस्टैंड से चलाकर ट्रायल भी पूरा कर लिया था, लेकिन दूधाधारी मठ की जमीन, बसस्टैंड के नामकरण, परिसर के दुकान आबंटन आदि कारणों से उद्घाटन अटक गया, जो अब तक नहीं हो पाया। इस लेटलतीफी व रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर हालत में पहुंचता जा रहा है। वहीं प्रदेशवासियों सहित बस संचालक अंतरराज्यीय बसस्टैंड के उद्घाटन की बाट जोह रहे हैं।

शहर के लावारिस मवेशियों के लिए बना गोठान

शहर के लावारिश मवेशी बे-रोक टोक अंतरराज्यीय बसस्टैंड परिसर के हरे भरे ग्रीन लॉन व पेड़ पौधों को सफाचट कर रहे हैं। इतना ही नहीं, परिसर से लेकर बसस्टैंड के ग्राउंड फ्लोर को लावारिश मवेशियों ने गोठन बना लिया है। साथ ही नशेड़ी, गंजेड़ी व असामाजिक तत्व के लोगों का सुबह से देर रात तक परिसर में जमावड़ा लग रहा है, जो शराब की बोतलें, बीड़ी-सिगरेट के रेपर, पानी पाउच, डिस्पोजल आदि तरह की गंदगियां फैला रहे हैं।

19 महीनों से आज-कल कर रहे अधिकारी

मई 2019 से लेकर इस साल के 11 महीनों तक नगरीय प्रशासन विभाग व निगम निगम के अधिकारी अंतरराज्यीय बसस्टैंड के उद्धाटन को आज-कल में टालते आ रहे हैं। इसकी वजह दूधाधारी मठ ट्रस्ट के साथ राज्य सरकार द्वारा किए गए अनुबंधाें को माना जा रहा है। दूधाधारी मठ ट्रस्ट को रावणभाठा बसस्टैंड की 30 एकड़ जमीन के बदले जमीन दी जानी है, लेकिन शायद मठ ट्रस्ट व राज्य सरकार के मध्य सहमति नहीं बन पा रही।

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