Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

रमन्ना के बेटे रंजीत का खुलासा, अभी भी जिंदा है गुड्सा

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव को लेकर लगातार मांग उठ रही थी कि स्थानीय को मौका दिया जाए परंतु तेलंगाना के करीमनगर निवासी को दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव बना दिया गया परंतु आज तक अधिकृत घोषणा नहीं की गई। घोषणा नहीं करने का कारण यही था कि कहीं स्थानीय नक्सली विद्रोह न कर दें।

गोंदवारा की कृषिभूमि पर अवैध प्लॅाटिंग करने वाले 6 जमीन मालिकों पर केस दर्ज
X
छत्तीसगढ़ पुलिस (प्रतीकात्मक फोटो)

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव को लेकर लगातार मांग उठ रही थी कि स्थानीय को मौका दिया जाए परंतु तेलंगाना के करीमनगर निवासी को दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव बना दिया गया परंतु आज तक अधिकृत घोषणा नहीं की गई। घोषणा नहीं करने का कारण यही था कि कहीं स्थानीय नक्सली विद्रोह न कर दें। यह खुलासा एक सप्ताह पहले तेलंगाना पुलिस के सामने रमन्ना के बेटे रावुला रंजीत श्रीकांत ने समर्पण के दौरान किया।

14 साल पहले भिलाई में पहचान छिपाकर वकील बनकर रहने वाला गुड्सा उसेंडी शहरी नेटवर्क के रूप में भी काम कर चुका है और 2007 के आसपास उसकी पत्नी मालती व अन्य साथी पकड़ाया था जबकि गुड्सा उसेंडी भागने में सफल हो गया था। यही गुड्सा उसेंडी है जो अभी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव है। यह पुष्टि एक सप्ताह पहले तेलंगाना पुलिस के सामने रमन्ना के बेटे रावुला रंजीत श्रीकांत ने समर्पण के दौरान किया उसने यह भी बताया कि इसका मूल नाम कट्टां रामचंद्र रेड्डी यानी के. रामचंद्र रेड्डी है और लंबे समय तक विकल्प के नाम से प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करता रहा है।

दंडकारण्य जोनल कमेटी के सेक्रेटरी का पद नक्सली नेता रमन्ना के पास था लेकिन उसने 7 दिसंबर 2019 को पालागुड़़ा के पास दम तोड़ दिया था उसकी मौत के बाद से ही यह पद लगभग नौ माह तक खाली पड़ा हुआ था। इसी समय स्थानीय व आंध्र नक्सली के मध्य कई बार मनमुटाव का खुलासा हुआ था और स्थानीय कैडर इस पद पर स्थानीय नक्सली को जिम्मेदारी देने के पक्ष में थे परंतु लगभग एक साल पहले दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव के. रामचंद्र रेड्डी को अघोषित जिम्मेदारी दे दी गई है।

अपमान नहीं सह पाया

समर्पण करने वाले रमन्ना के बेटे ने स्वीकार किया कि मेरे पिता की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई और उसके बाद सीनियर नक्सली नेताओं ने उसके साथ दोहरा व्यवहार अपनाने लगे और उसको यह व्यवहार अपमान सा लगने लगा। यह अपमान सह नहीं पाने के कारण उसने माओवादियों का रास्ता छोड़कर अपने राज्य की पुलिस के सामने समर्पण कर दिया उससे कई अहम जानकारी मिली है। उसी के बताने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी कौन है।

शहरी नेटवर्क है

यह बात भी सामने आई है कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव के. रामचंद्र रेड्डी उर्फ गुड्सा उसेंडी उर्फ विकल्प का शहरी नेटवर्क बहुत जबरदस्त है और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के कई शहरी लोगों से आज भी उसके संपर्क में है जिसके चलते उसे सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाती है। पुलिस इस नेटवर्क को कितना खंगालती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।


Next Story