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बड़ों से ज्यादा बच्चों में उत्साह, पहले दिन पौने दो लाख से ज्यादा ने लगवाया कोरोना का टीका

दुर्ग,मुंगेली में सबसे ज्यादा, नारायणपुर बीजापुर में सबसे कम, 80 फीसदी पहुंचे आधारकार्ड लेकर। लाइन लगाकर लगवाया टीका। जोश के साथ टीका लगाने पहुंचे विद्यार्थी। कहा- अब नो टेंशन, परिवार वालों ने दी खुशी से सहमति। जिले में था 23924 को टीके का लक्ष्य। 12981 को लगाने में सफलता। जनवरी में लगेगी दूसरी खुराक। पढ़िए पूरी ख़बर..

बड़ों से ज्यादा बच्चों में उत्साह, पहले दिन पौने दो लाख से ज्यादा ने लगवाया कोरोना का टीका
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रायपुर: प्रदेश में वैक्सीन को लेकर फैले भ्रम के कारण पहले दिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को लगभग एक लाख टीका लगने की आस थी, लेकिन बच्चों ने बड़ो से ज्यादा उत्साह दिखाया। पहले ही दिन प्रदेश में वैक्सीन लगाने वालों की संख्या पौने दो लाख के पार हो गई। कोविन पोर्टल के मुताबिक सबसे ज्यादा टीका दुर्ग और मुंगेली जिले में लगाया गया। वहीं नारायणपुर और बीजापुर में सबसे कम बच्चों को टीका लगाया गया। कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत के बीच सोमवार तीन जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को टीका लगाने की शुरुआत की गई है। इसके लिए प्रदेश में स्कूल-कालेजोंं के साथ अन्य स्थानों पर टीका केंद्र बनाए गए थे। कई जिलों में इसके लिए कोविन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराया गया था। वहीं रायपुर जिले में स्कूल-कालेजों के टीका केंद्रों में बच्चों को स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई थी। पहले से पहुंच चुकी स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल-कालेजों में पंजीयन के बाद टीका लगाने की शुरुआत की। टीकाकरण से जुड़े अधिकारी मान रहे थे कि प्रदेश में शाम पांच बजे तक लगभग एक लाख लोगों को टीका लगेगा। अनुमान के विपरीत सुबह से बच्चे आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लेकर स्कूलों तक पहुंचे थे, जहां लंबी लाइन लगाकर पंजीयन करवाने के बाद उन्होंने अपना टीका लगवाया। आधे घंटे तक प्रशिक्षित स्टॉफ और शिक्षकों की निगरानी में रहे।

स्कूलों में टीका लगाने की जानकारी दो दिन पहले ही शिक्षकों ने क्लास रूम में दे दी थी..। पहले दिन घर से आधार कार्ड और माता-पिता की सहमति लेकर पूरे जोश में विद्यार्थी स्कूलों तक पहुंचे। लाइन लगाकर टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी प्रकार का डर और टेंशन नहीं होने की बात कही। स्कूलों में 80 फीसदी छात्र आधार कार्ड लेकर पहुंचे थे। रायपुर जिले में पहले दिन 23924 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें शाम पांच बजे तक 12981 लोेगों को टीका लगाने में सफलता मिल पाई। राजधानी के कई स्कूलों में दो से ज्यादा टीम लगाकर कुल 75 सेशन का आयोजन किया गया था। जिले में कुल 126 टीका सत्र का आयोजन किया गया था, जिसमें सुबह से टीका लगाने की तैयारी थी। रायपुर के बैरन बाजार स्थित पॉलीटेक्नीक कालेज से कलेक्टर ने इसकी शुरुआत की और दिनभर प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से साथ टीका केंद्रों का दौरा कर हाल-चाल जानने का प्रयास करते रहे। टीका लगवाने के बाद आधे घंटे तक आब्जर्वेशन रूम में रहने के दौरान उनमें खुशी का माहौल नजर आया। सबने एक स्वर में कहा कि वैक्सीन लगने के बाद जल्द ही ही वे कोरोना की गंभीर स्थिति में जाने से सुरक्षित हो जाएंगे। स्कूलों में बच्चों ने वैक्सीन की पर्ची दिखाकर खुशी का इजहार किया। टीकाकरण के लिए स्कूलों के शिक्षक और पूरा स्टाफ सुबह ड्युटी में लगा रहा। वैक्सीन सेंटर से लेकर आब्जर्वेशन रुम तक सबने अपनी जिम्मेदारी निभाई। रायपुर जिले में आज सबसे ज्यादा टीका राजधानी के स्कूलों में 3534 लोगों को लगाया गया। वहीं सबसे कम 781 टीका बीरगांव इलाके के स्कूलोें में लगाया गया।

जनवरी में लगेगी दूसरी खुराक

कोविन पोर्टल में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शाम छह बजे तक 15 से 18 साल की आयु वाले 1 लाख 80 हजार किशोर-किशोरियों ने वैक्सीन की पहली खुराक ली। राजधानी के स्कूलों में बच्चों में टीके को लेकर खासा उत्साह नजर आया। बिना किसी झिझक उन्होंने वैश्विक महामारी का रुप धर चुके कोरोना से बचाव के लिए पहली खुराक ली। अब जनवरी के अंतिम दिनों में उन्हें को-वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जाएगी।

किस जिले में कितना टीका

जिला -टीका

  • बालोद 6358
  • बलौदाबाजार 12174
  • बलरामपुर 922
  • बस्तर 1679
  • बेमेतरा 597
  • बीजापुर 93
  • बिलासपुर 3617
  • दंतेवाड़ा 600
  • धमतरी 14412
  • दुर्ग 19387
  • गरियाबंद 5406
  • जीपीएम 576
  • चांपा-जांजगीर 5397
  • जशपुर 2187
  • कांकेर 6300
  • कबीरधाम 2949
  • कोंडागांव 10717
  • कोरबा 5687
  • कोरिया 2720
  • महासमुंद 6139
  • मुंगेली 17820
  • नारायणपुर 24
  • रायगढ़ 2587
  • रायपुर 12981
  • राजनांदगांव 12436
  • सुकमा 236
  • सूरजपुर 3123
  • सरगुजा 586

(आंकड़े शाम 6 बजे कोविन पोर्टल के मुताबिक)

बच्चों ने अनुमान से ज्यादा बढ़-चढ़कर वैक्सीन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी तेजी से अगर टीकाकरण हुआ तो पंद्रह से बीस दिनों में 15-18 साल के बच्चों के पहली वैक्सीन का काम पूरा हो जाएगा।

- डॉ. वीआर भगत, राज्य टीकाकरण अधिकारी

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