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दुग्ध महासंघ बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष की सफाई के बाद होगा हटाने का फैसला

छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष के पांच वर्षाें के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय हानि और अनियमितताओं को लेकर बोर्ड की बैठक 8 जुलाई को बुलाई गई है। बोर्ड की बैठक में पंजीयक द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को रखा जाएगा। जांच प्रतिवेदन में दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों पर सफाई मांगी जाएगी। उनके जवाब का परीक्षण करने के बाद बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

दुग्ध महासंघ बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष की सफाई के बाद होगा हटाने का फैसला
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रायपुर. छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष के पांच वर्षाें के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय हानि और अनियमितताओं को लेकर बोर्ड की बैठक 8 जुलाई को बुलाई गई है। बोर्ड की बैठक में पंजीयक द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को रखा जाएगा। जांच प्रतिवेदन में दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों पर सफाई मांगी जाएगी। उनके जवाब का परीक्षण करने के बाद बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ की पांच साल की आडिट रिपोर्ट की जांच के बाद मिली गड़बड़ी के चलते हुई करोड़ों की हानि के लिए महासंघ के अध्यक्ष रसिक परमार को दोषी मानते हुए बोर्ड की बैठक में जांच रिपोर्ट पर सुनवाई का अवसर देते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। पंजीयक सहकारी संस्थाएं हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ की वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक पांच वर्षाें की आडिट रिपोर्ट की जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि संस्था के गठन, कार्यप्रणाली, वित्तीय स्थिति तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी गड़बड़ी पाई गई।

दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष रसिक परमार ने मार्च 2013 से अगस्त 2018 तक प्राधिकृत अधिकारी और उसके बाद निर्वाचित अध्यक्ष के दौरान कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरती। उन्होंने कपटपूर्ण कार्य कर दुग्ध महासंघ में अनियमितता कर करोड़ों रुपए की हानि पहुंचाई।

कल होगी बोर्ड की बैठक

छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक नरेंद्र दुग्गा ने बताया कि बोर्ड की बैठक 8 जुलाई को बुलाई गई है। बैठक में बोर्ड के 17 संचालक सदस्य शामिल होंगे। वर्तमान में बोर्ड में 15 संचालक सदस्य निर्वाचित हैं। बैठक में जांच प्रतिवेदन को रखा जाएगा। संचालक मंडल द्वारा की गई अनियमितता पर अध्यक्ष से जवाब मांगा जाएगा। उसके बाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। संचालक मंडल के निर्णय की पंजीयक को जानकारी दी जाएगी।

आरोपों का देंगे जवाब : रसिक

छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ अध्यक्ष के रूप में रसिक परमार को मार्च 2013 से मार्च 2016 तक के लिए नामांकित किया गया था। मार्च 2016 से अगस्त तक वे प्राधिकृत अधिकारी के रूप में रहे। अगस्त 2018 से निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में अब तक कार्य कर रहे थे। श्री परमार ने कहा कि बोर्ड की बैठक में वे आडिट रिपोर्ट के आधार पर लगाए गए आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे।

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