Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मौसम की जानकारी- 26 घंटे सावन की झड़ी से भीगी राजधानी, खेतों में लौटी रौनक

बढ़ती उमस से आम लोग और सूख रहे खेतों से परेशान किसानों के लिए सावन माह में पिछले 26 घंटे से रिमझिम फुहारों की अनवरत झड़ी खुशी बनकर आई है। बारिश का आंकड़ा भले ही कम है मगर इसकी वजह से खेतों में रोपा-बियासी के काम में तेजी आ गई है।

Mausam Ki Jankari: दिल्ली समेत देश के इन राज्यों में अगले दो-तीन दिन में होगी भारी बारिश, बंगाल और एमपी में अलर्ट जारी
X

मौसम की जानकारी

बढ़ती उमस से आम लोग और सूख रहे खेतों से परेशान किसानों के लिए सावन माह में पिछले 26 घंटे से रिमझिम फुहारों की अनवरत झड़ी खुशी बनकर आई है। बारिश का आंकड़ा भले ही कम है मगर इसकी वजह से खेतों में रोपा-बियासी के काम में तेजी आ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे में रायपुर में 35.7 मिमी. तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है। अगले चौबीस घंटे में मध्यम बारिश के आसार हैं। भारी वर्षा पूर्वी हिस्से में होने का अनुमान है।

मंगलवार को सुबह से काले बादल छाए हुए थे, जो दोपहर एक बजे बरसना शुरु हुआ। कुछ देर तक हल्की से मध्यम वर्षा के बाद बूंदा-बांदी शुरु हुई जो अनवरत 26 घंटे यानी बुधवार को दोपहर तीन बजे तक चलती रही। इस बारिश की वजह उमस पूरी तरह गायब हो गई है। तापमान में गिरावट आने के बाद मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। रायपुर समेत प्रदेशभर में दिनभर इसी तरह का माहौल बना रहा।

कहीं भी बारिश का आंकड़ा बहुत अधिक नहीं हुआ। जबकि पिछले चौबीस घंटे में कुल क्षेत्रों में भारी वर्षा की स्थिति बनी रही। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश से आंकड़ों में विशेष अंतर नहीं हुआ मगर यह उमस और खेती-किसानी के लिए राहत बनकर आई। बारिश नहीं होने की वजह से खेत सूखने की स्थिति में आ गए थे। इस वर्षा से मिट्टी गीली होने के साथ फसल के लिए भी फायदेमंद साबित हुई है।

नहीं निकला सूरज

लगातार बारिश की स्थिति और बादल छाए रहने की वजह से आज सूर्यदर्शन नहीं हुए। सुबह से बारिश होने की वजह से जनजीवन प्रभावित नजर आया। दोपहर तीन बजे के आसपास जब बारिश थमी तो सड़कों पर आवाजाही बढ़ गई। मौसम बदलने की वजह से दिन के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की गई। रायपुर का अधिकतम पारा 25.5 तक पहुंचा जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम था।

फायदेमंद बारिश

कृषि विशेषज्ञ जीएल शर्मा तथा डा. संकेत ठाकुर के मुताबिक बारिश नहीं होने की वजह खेत सूख रहे थे जिसकी वजह से यह वर्षा काफी फायदेमंद है। इससे कृषि कार्यों में गति आएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक अभी हो रही बारिश वास्तव में मानसूनी बारिश है और यह धान की फसलों के साथ सब्जियों की खेती के लिए भी लाभकारी है। तेज बारिश का पानी बह जाता है। हल्की वर्षा का पानी जमीन के भीतर तक पहुंचता है जो फसलों के लिए फायदेमंद है।

हल्की से मध्यम वर्षा

मानसून द्रोेणिका के पूर्व से पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की वजह प्रदेश में अगले चौबीस घंटे में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार है। विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र यानी रायगढ़, कोरबा, जांजगीर, महासमुंद इलाके में इसका असर अधिक रहने के आसार है। पिछले चौबीस घंटे में भैयाधान में 16, मरवाही में 13, कोरबा में 10 सेमी., बिलासपुर में लगभग 9, पेंड्रा, अंबिकापुर में 4 सेमी. तक बारिश हुई।



Next Story