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रिकॉर्ड वक्त के बाद भी सीट से कम आवेदन, रायपुर में 10 हजार तो नारायणपुर में सिर्फ 90

निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 10 जुलाई तक मांगे गए थे आवेदन, प्रदेश में 81,467 सीटें, लेकिन आवेदन सिर्फ 76,256

रिकॉर्ड वक्त के बाद भी सीट से कम आवेदन, रायपुर में 10 हजार तो नारायणपुर में सिर्फ 90
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रायपुर. शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। पालकों को 10 जुलाई तक का वक्त आवेदन के लिए दिया गया था। प्रदेश में 75 हजार से अधिक आवेदन आए हैं, लेकिन यह कुल सीट की संख्या में कम है। प्रदेश में सबसे अधिक आवेदन रायपुर के निजी स्कूलों के लिए प्राप्त हुए हैं।

राजधानी के 832 निजी स्कूलों में 8,678 सीटें हैं। इसके लिए 10,263 आवेदन मिले हैं। हालांकि आवेदनों की यह संख्या बीते वर्षों के आवेदन संख्या की तुलना में कमी है। पिछले सालों की तरह इस बार भी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन की गई थी।

प्रदेश में सबसे अधिक आवेदन रायपुर जिले के ही निजी स्कूलों के लिए मिले हैं। वहीं सबसे कम आवेदन नारायणपुर में मिले हैं। यहां के 14 स्कूलों में 122 सीटें हैं, जिसके लिए मात्र 90 पालकों ने रुचि दिखाई है। कम आवेदनों की संख्या के मामले में दूसरे स्थान पर दंतेवाड़ा और सुकमा है। दंतेवाड़ा के 21 स्कूलों में 233 सीटें हैं, जिसके लिए 150 आवेदन मिले हैं।

सुकमा में 15 स्कूलों के लिए 174 सीटें हैं। यहां 150 आवेदन विभाग को मिले हैं। बीजापुर भी उन जिलों में शामिल है, जहां हजार से कम आवेदन मिले हैं। यहां के 33 स्कूलों में 444 सीटें आरटीई के अंतर्गत रिजर्व हैं। 210 आवेदन इसके लिए मिले हैं।

सीट के बराबर आवेदन नहीं

आरटीई के अंतर्गत आवेदन फरवरी माह से शुरू कर दिए गए थे। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण इसमें वृद्धि की गई। लगभग चार माह का वक्त इस वर्ष पालकों को आरटीई आवेदन के लिए मिला। पहली बार है जब पालकों को आवेदन के लिए इतना अधिक वक्त दिया गया। रिकॉर्ड वक्त के बाद भी सीट के बराबर भी आवेदन नहीं मिल सके हैं। प्रदेश के 6,484 स्कूल आरटीई के अंतर्गत आते हैं। सभी स्कूलों को मिलाकर प्रदेश में 81,467 सीटें शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत गरीबों के लिए आरक्षित है। इनके लिए 76,256 आवेदन आए हैं, जो सीटों की तुलना में कम है।

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