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मरवाही में जोगी परिवार चुनाव से पहले ही 'आउट', अमित-ऋचा का नामांकन निरस्त, छत्तीसगढ़ में पहली बार जोगी परिवार बिना चुनाव

मरवाही उपचुनाव जोगी परिवार राजनीतिक तौर पर घातक सिद्ध हुआ। अनुसूचित जनजाति आरक्षित मरवाही विधानसभा सीट के लिए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के उम्मीदवार अमित जोगी एवं ऋचा जोगी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। अमित जोगी के नामांकन पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट के साथ आपत्ति दर्ज कराई गई थी। समिति ने 15 अक्टूबर को उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। उनकी पत्नी ऋचा जोगी का प्रमाण पत्र जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने पहले ही निलंबित कर दिया है। लिहाजा इस आधार पर उनका नामांकन भी निरस्त कर दिया गया है।

मरवाही में जोगी परिवार चुनाव से पहले ही आउट, अमित-ऋचा का नामांकन निरस्त, छत्तीसगढ़ में पहली बार जोगी परिवार बिना चुनाव
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बिलासपुर/पेंड्रा. मरवाही उपचुनाव जोगी परिवार राजनीतिक तौर पर घातक सिद्ध हुआ। अनुसूचित जनजाति आरक्षित मरवाही विधानसभा सीट के लिए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के उम्मीदवार अमित जोगी एवं ऋचा जोगी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। अमित जोगी के नामांकन पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट के साथ आपत्ति दर्ज कराई गई थी। समिति ने 15 अक्टूबर को उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। उनकी पत्नी ऋचा जोगी का प्रमाण पत्र जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने पहले ही निलंबित कर दिया है। लिहाजा इस आधार पर उनका नामांकन भी निरस्त कर दिया गया है।

दोनों का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद यह छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा जब मरवाही का कोई चुनाव जोगी परिवार के बिना होगा। प्रदेश गठन के बाद उस सीट पर रामदयाल उइके विधायक थे। उन्होंने अपनी सीट खाली की और उस पर प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी चुनाव लड़े और विधायक बने। उसके बाद लगातार श्री जोगी और अमित इस सीट से विधायक बनते रहे हैं, लेकिन इस उप चुनाव में पासा पलट गया है।

जिला निर्वाचन कार्यालय में मरवाही विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की शनिवार को स्क्रूटनी शुरू की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह के सामने आदिवासी नेता संत कुमार नेताम तथा कांग्रेस की ओर से राज्य स्तरीय छानबीन समिति के फैसले की प्रतिलिपि रखी गई। 15 अक्टूबर 2020 को पारित छानबीन समिति के आदेश के अनुसार 31 अक्टूबर 2013 को जारी अमित जोगी का कंवर जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। चूंकि अमित जोगी के पास कोई वैध कंवर जाति का प्रमाण पत्र नहीं है इसलिए उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। इस आपत्ति पर अमित जोगी ने 2 दिन के समय की मांग की जिसे जिला निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिया। ऋचा जोगी का अजजा का प्रमाण पत्र जिला स्तरीय समिति ने पहले ही निलंबित कर दिया है। इस आधार पर उनके नामांकन पर भी आपत्ति की गई। इस आधार पर उनका नामांकन भी रद्द कर दिया गया है।

फर्जी आदिवासी हैं अमित-ऋचा

अमित और ऋचा के जाति प्रमाण पत्र पर सवाल उठाने वाले संतकुमार नेताम ने कहा कि कानून की आड़ में फर्जी आदिवासी होकर भी लाभ ले रहे थे। पहली बार सच्चा न्याय हुआ है। इस परिवार ने सदैव आदिवासियों का हक छीना है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ अमित अगर कोर्ट जाते हैं तो वहां भी चुनौती दूंगा।

अमित ने कहा- जज ही जल्लाद बन गया

नामांकन खारिज होने के बाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी निराश दिखे। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कातिल ही मुंसिफ है क्या मेरे हक में फैसला देगा। मैंने न्याय मांगा तो जज ही जल्लाद बन गया। उन्हें पहले से ही आशंका थी क्योंकि जिला निर्वाचन अधिकारी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की तरह काम कर रहे हैं। हमारे लिए सारे विकल्प खुले हैं। आपत्तिकर्ताओं के पास छानबीन समिति के फैसले की कॉपी थी लेकिन मेरे पास नहीं। मैंने आपत्तियों के बाद चुनाव अधिकारी से निवेदन किया कि कंडिका 12 के तहत उन्हें 2 दिन का समय दिया जाए लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। यह सबसे बड़ी अदालत नहीं है। सबसे बड़ी जनता की अदालत है मुझे न्याय वहीं मिलेगा। लोकतंत्र संविधान से चलता है बदलापुर से नहीं। वह सोचते हैं कि खुद ही लड़ेंगे और खुद ही जीतेंगे ,जनता को इतना बेबस नहीं समझना चाहिए। सरकार ने यह तो मान लिया कि जोगी को हराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है।

रमन बोले- घबराई हुई है सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसी भी तरह से अमित और ऋचा जोगी का नामांकन रद्द करा दिया है। मरवाही में छह मंत्रियों और 50 विधायकों की तैनाती यह साबित करती है कि सरकार घबरायी हुई है। लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने का अधिकार है। मरवाही से कांग्रेस की जमीन खिसक गई है

जयसिंह बोले- जोगी परिवार ने कांग्रेस को कुछ नहीं दिया

मरवाही चुनाव की कमान संभाल रहे मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस मामले में किसी राजनीतिक साजिश से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र की जांच विधि सम्मत की गई। चुनाव पर केंद्रीय पर्यवेक्षक भी निगाह रखते हैं। ऐसे में कुछ भी अवैधानिक किया जाना संभव नहीं है। जोगी परिवार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस परिवार को कांग्रेस ने सबकुछ दिया। अजीत जोगी को मुख्यमंत्री बनाया, विधायक बनाया, सांसद बनाया। बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं। उनकी पत्नी रेणु को विधायक बनाया। उनके बेटे को विधायक बनाया। लेकिन इस परिवार ने कांग्रेस का सदैव नुकसान ही किया है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति है। यहां बड़े बड़े दिग्गज धराशायी हो जाते हैं।

अब आगे क्या करेगी जेसीसीजे

अमित और ऋचा का नामांकन निरस्त होने के बाद जनता कांग्रेस के सामने मरवाही में अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। जोगी कांग्रेस की ओर से अधिकृत तौर पर दो ही नामांकन लिए गए थे। अब इस चुनाव में पार्टी अपने चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ सकेगी। जोगी कांग्रेस के सामने एक विकल्प है कि वह किसी निर्दलीय को समर्थन दे दे। इस पर अमित ने कहा है कि पार्टी के वरिष्ठ सदस्य इस पर विचार करेंगे। उसके बाद कुछ तय किया जाएगा। दूसरा विकल्प यह है कि अपने नामांकन को निरस्त होने अमित कोर्ट में चुनौती दें और राहत की उम्मीद करें।

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