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पौधों को सुरक्षित रखने स्मार्ट सिटी कर रहा पहली बार जियो टैगिंग, साढ़े सात करोड़ होंगे खर्च

रायपुर स्मार्ट सिटी इस साल तीन हजार पौधों का रोपण कराएगा, बीते साल 20 हजार पौधे लगाए गए थे। इन सबकी ऊंचाई दस फीट रखी गई है। पहली बार रोपे गए पौधों को सुरक्षित रखने ऑनलाइन मानिटरिंग सिस्टम अपनाया गया है, जिसमें लगाए गए पाैधों की जियो टैंगिग हुई है यानी स्मार्ट सिटी के अफसर दफ्तर में बैठे-बैठे एक क्लिक कर लगाए जा रहे पौधों को ऑनलाइन ट्रेस कर सकेंगे। इस कार्य में साढ़े सात करोड़ खर्च होंगे।

पौधों को सुरक्षित रखने स्मार्ट सिटी कर रहा पहली बार जियो टैगिंग, साढ़े सात करोड़ होंगे खर्च
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रायपुर. रायपुर स्मार्ट सिटी इस साल तीन हजार पौधों का रोपण कराएगा, बीते साल 20 हजार पौधे लगाए गए थे। इन सबकी ऊंचाई दस फीट रखी गई है। पहली बार रोपे गए पौधों को सुरक्षित रखने ऑनलाइन मानिटरिंग सिस्टम अपनाया गया है, जिसमें लगाए गए पाैधों की जियो टैंगिग हुई है यानी स्मार्ट सिटी के अफसर दफ्तर में बैठे-बैठे एक क्लिक कर लगाए जा रहे पौधों को ऑनलाइन ट्रेस कर सकेंगे। इस कार्य में साढ़े सात करोड़ खर्च होंगे।

दरअसल रायपुर शहर को हरा-भरा बनाने छोटे पौधों की जगह 10 फीट ऊंचाई और 2 इंच मोटाई के तना वाले छायादार एवं फलदार पौधे लगाने रायपुर स्मार्ट सिटी ने तीन अलग-अलग एजेंसियों को ठेका दिया है। ठेका एजेंसी नगर निगम सीमा क्षेत्र में चिन्हांकित स्थानों पर बड़े आकार के पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा करेगी। पौधों की दो साल तक देखरेख का जिम्मा अनुबंध की शर्त में शामिल है। बीते साल शहरभर में 20 हजार पौधे लगाए गए, इस साल तीन हजार बड़े आकार के पौधे अतिरिक्त लगाने की स्वीकृति दी गई है। इस तरह कुल 23 हजार पौधाें का रोपण कर दो साल तक सुरक्षित रखने पर ही ठेका एजेंसी को पूरी रकम का भुगतान किया जाएगा।

ऑनलाइन रहेगा डाटा, पौधे खराब हुए या सूखे तो दुबारा लगाना होगा

स्मार्ट सिटी ने पौधाराेपण के इस प्रोजेक्ट में लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा और उनकी शत-प्रतिशत संख्या को फोकस करते हुए ऑनलाइन डाटा का प्रावधान रखा है। ठेकेदार को पौधा लगाने के साथ ट्री-गार्ड, सिंचाई की व्यवस्था रखनी होगी। पौधा खराब होने या सूखने की स्थिति में दुबारा पौधों की गिनती होगी। कम संख्या में पौधा जीवित होने की दशा में फिर से स्वस्थ पौधे लगाने और उसकी सुरक्षा करने पर ही निर्धारित राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रथम वर्ष 70 फीसदी और बाकी 30 फीसदी राशि शत-प्रतिशत पौधा सुरक्षित पाए जाने पर भुगतान की जाएगी।वर्जनदो साल तक पौधे जीवित रहने पर ही पूरा भुगतान2 साल तक पौधों को सुरक्षित रखने पर ही ठेका एजेंसी को शत-प्रतिशत राशि का पूरा भुगतान करेंगे।

शहर में किस जगह पर कितने पौधे लगाए गए, वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है, इसका ऑनलाइन डाटा हमारे पास सुरक्षित रहेगा। कभी भी जीवित पौधों की गणना जरूरत पड़ने पर एक क्लिक कर की जा सकेगी।

- संजय शर्मा, प्रबंधक, सिविल, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड

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