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स्पंज आयरन की बढ़ी कीमतों से स्टील उद्योग पस्त, सरकार से हस्तक्षेप की गुहार

प्रदेश सरकार ने स्टील उद्योग को बिजली में सब्सिडी देकर ऑक्सीजन देने का जो काम किया था, उस पर स्पंज आयरन की बढ़ी कीमतों ने पानी फेर दिया है। विदेश से मिले आर्डर के कारण स्पंज आयरन में बढ़ी कीमत के कारण स्टील उद्योग की हालत खस्ता हो गई है।

स्पंज आयरन की बढ़ी कीमतों से स्टील उद्योग पस्त, सरकार से हस्तक्षेप की गुहार
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रायपुर. प्रदेश सरकार ने स्टील उद्योग को बिजली में सब्सिडी देकर ऑक्सीजन देने का जो काम किया था, उस पर स्पंज आयरन की बढ़ी कीमतों ने पानी फेर दिया है। विदेश से मिले आर्डर के कारण स्पंज आयरन में बढ़ी कीमत के कारण स्टील उद्योग की हालत खस्ता हो गई है।

स्पंज आयरन वालों को कीमत कम करके मदद करने की बात करते हुए प्रदेश सरकार से भी हस्तक्षेप की गुहार लगाई है, ताकि उद्योगों की हालत सुधर सके। स्पंज आयरन बनाने वाले उद्योगों को श्रीलंका, बंगलादेश और चाइना से मिले आर्डर के कारण इसकी कीमत में अचानक भारी उछाल आया। इन देशों को करीब पांच लाख टल स्पंज आयरन सप्लाई किया गया है। जो स्पंज आयरन एक माह पहले 18 हजार 400 रुपए टन था, वह इस समय 21 हजार 800 हो गया है यानी 34 सौ रुपए की तेजी आ गई है। ऐसा होने से स्पंज आयरन उद्योग को तो बड़ा फायदा हुआ है, लेकिन इससे स्टील उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।

स्टील उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है, विदेशों में माल भेजने के कारण कीमत बढ़ी, यह बात समझ आती है, लेकिन जब वहां का आर्डर जा चुका है तो अब तो कम से कम कीमत कम करके स्टील उद्योग को राहत देने में मदद करनी चाहिए।

कीमत ज्यादा, आर्डर नहीं

स्पंज आयरन की बढ़ी कीमत के कारण स्टील में भी तेजी आई है। 29 हजार टन का बिलेट जहां 31 हजार 700 हो गया है, वहीं सरिया 29 हजार 200 से 31 हजार, एंगल 28 से 30 हजार 200 हो गया है। इसमें जीएसटी अलग है। स्टील उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है, कीमतों में तेजी का असर यह हुआ है कि यहां पर लेवाली नहीं है और बाहर के राज्यों से मिलने वाला आर्डर भी लगभग बंद हो गया है। यहां पर दूसरे राज्यों से कीमत कम होने के कारण बाहर के कई राज्यों में पिछले माह तक बहुत माल जा रहा था, लेकिन अब माल नहीं के बराबर जा रहा है।

प्रदेश सरकार करे हस्तक्षेप

स्पंज आयरन की कीमत के कारण स्टील उद्योगों की हालत खराब हो रही है। बिजली में सब्सिडी मिलने के बाद भी घाटा हो रहा है। स्पंज आयरन उद्योग से भी हमारा आग्रह है कि कीमतों को कम किया जाए। हम प्रदेश सरकार से भी मांग कर रहे हैं कि हस्तक्षेप कर कीमतों पर नियंत्रण करे, ताकि स्टील उद्योग बंद होने से बच सके।

- अशोक सुराना, अध्यक्ष, मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन

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