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छत्तीसगढ़ में माल, सिनेमाघर समेत सभी बड़े बाजार खुले, फिर बेचारे गरीब फुटपाथ के व्यापारियों पर अन्याय क्यों?

प्रदेश सरकार और सूबे के मुखिया के निर्णय के अनुसार राज्य में सभी आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं। लेकिन सूरजपुर में फुटपाथ पर सामान बेचने वालों की रोजी-रोटी छीन ली गई है। क्यों और किसने किया ऐसा, कैसी है इन छोटे व्यापाारियों की हालत ! पढ़िए...

छत्तीसगढ़ में माल, सिनेमाघर समेत सभी बड़े बाजार खुले, फिर बेचारे गरीब फुटपाथ के व्यापारियों पर अन्याय क्यों?
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सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि प्रदेश सरकार और सूबे के मुखिया के निर्णय के अनुसार राज्य में सभी आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं। लेकिन सूरजपुर में फुटपाथ पर सामान बेचने वालों की रोजी-रोटी छीन ली गई है। एक तरफ तो जिस तरह से मामले बढ़ते जा रहे हैं, आम लोगों को भी अब डर सताने लगा कि फिर से एक बार लॉकडाउन हो सकता है। ऐसे मोहौल में लोग कुछ पैसा बचाने में लग गए हैं। लेकिन रोज कमाने और खाने वाले दुकानदारों पर सूरजपुर नगर पालिका ने फुटपाथ पर लग रहे दुकानों को हटाकर इन लोगों को बेरोजगार कर दिया गया। पुराना बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, पुराना हॉस्पिटल, जिला न्यायालय, रेस्ट हाउस, अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय व तहसील कार्यालय के समीप सड़क के दाएं व बाएं और फुटपाथ पर फल, सब्जी, चना-मूंगफली, गर्म वस्त्र, जूता-चप्पल, मोची, रोजमर्रा की चीजें बेचने वालों को एकाएक बिना किसी सूचना के हटाए जाने उनके सामानों को जप्त करने की कार्रवाई से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले इन दुकानदारों की स्थिति खराब हो गई है। जल्दी ही इनके लिए कोई उपाय नहीं ढूंढा गया तो इनकी स्थिति लॉकडाउन जैसी हो जाएगी। रोज कमाने खाने वाले दुकानदारों पर इस समय ऐसी कार्रवाई समझ से परे है। अभी लोग एक-एक पैसे कमाकर बचाने में लगे हैं, ऐसे में इस कार्रवाई से इनके साथ इनके परिवार को भी प्रभावित कर रहा हैं। इन लोगों ने सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। कलेक्टर ने इनकी बातों को गंभीरता से सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। देखिए वीडियो :



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