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केन्द्र से हमारे 18 हजार करोड़ मिल जाते तो राज्य को कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़्ती

राज्य विधानसभा में विपक्षी भाजपा के सदस्यों द्वारा बार-बार कर्ज लिए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार राज्य के 18 हजार करोड़ रुपए अदा कर देती, तो कर्ज लेने की नौबत तक नहीं आती।

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राज्य विधानसभा में विपक्षी भाजपा के सदस्यों द्वारा बार-बार कर्ज लिए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार राज्य के 18 हजार करोड़ रुपए अदा कर देती, तो कर्ज लेने की नौबत तक नहीं आती। श्री बघेल के इस बयान से पहले नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार द्वारा दो साल चार माह में लिए गए कर्जों का मामला उठाते हुए यह भी गिनाया था कि प्रति वर्ष, प्रतिमाह और प्रतिदिन सरकार कितना कर्ज ले रही है।

श्री बघेल ने कर्जदारी पर उठ रहे विपक्षी सवालों का विस्तृत जवाब बजट पर सामान्य चर्चा के समापन के दौरान दिया। सबसे पहले तो उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पता नहीं कहां से आंकड़ा लाए हैं। जो आंकड़े हैं, वे कहीं से मैच नहीं कर रहे हैं। श्री बघेल ने कहा- आप कहते हैं कि खर्च बढ़ रहा है, ब्याज बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने 42 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया है, ब्याज भी दे रहे हैं और किस्त भी अदा कर रहे हैं।

क्यों लेना पड़ा है कर्ज

मुख्यमंत्री ने कहा- कर्ज क्यों लेना पड़ रहा है, ये बात सामने आती है। केंद्र सरकार ने 14 हजार 628 करोड़ रुपए जो राज्य से दिए गए करों का हिस्सा है, वह नहीं दिया गया। जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि 3 हजार 109 करोड़ रुपए नहीं दिए गए। इसकी अदायगी के लिए एक्ट बना हुआ है। अगर ये राशि मिल जाती, तो कर्ज नहीं लेना पड़ता। कर्ज के लिए राज्य नहीं, केंद्र सरकार जिम्मेदार है। छत्तीसगढ़ एक उत्पादक राज्य है। इसीलिए हमें हानि उठानी पड़ रही है। आप कहते हैं कि कर्ज लो घी पीयो। अब आप अगर पेट्रोल में जीएसटी लगाएंगे, तो सारा पैसा आप ले जाएंगे।

एनडीए ने रोका पैसा

बघेल ने कहा कि हमारा घाटा इसलिए बढ़ा कि केंद्र सरकार पैसा नहीं दे रही है। केंद्र सरकार 5 प्रतिशत तक लोन लेने की बात कहती है, आप हमें कर्ज लेने से रोक रहे हैं। ये बहुत दुर्भाग्यजनक है। श्री बघेल ने केंद्र व राज्य सरकार के कई वित्तीय आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि भारत सरकार से अच्छा वित्तीय प्रबंधन राज्य सरकार का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति आय में 5.41 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह कमी मात्र 0.14 प्रतिशत की है। केंद्र सरकार ब्याज भुगतान में 35 प्रतिशत खर्च कर रही है, राज्य सरकार 8 प्रतिशत राशि अदा कर रही है। श्री बघेल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की तुलना में छत्तीसगढ़ का बेहतर प्रदर्शन है, आने वाले समय में और बेहतर होगा।

कौशिक निकालें दिन, घंटे, सेकंड का हिसाब

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने अपने भाषण में जानकारी दी कि राज्य सरकार ने दो साल में जितना कर्ज लिया वह महीने, सप्ताह व दिन के हिसाब से कितने का होता है। इसके जवाब में श्री बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो साल में 18 लाख 45 हजार 502 करोड़ रुपए कर्ज में लिए। अब कौशिक जी महीने, दिन घंटे सेकंड के हिसाब से बताएं कि केंद्र सरकार ने देश की जनता पर कर्जों का कितना बोझ डाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र का राज्य के साथ भेदभाव दुखदायी है।

सीएम की हिम्मत की दाद देनी चाहिए

बजट पर सामान्य चर्चा के बीच कृषिमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि जब हम लोग धान के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलने गए, तो उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को धान के समर्थन मूल्य से 1 रुपया भी अधिक नहीं मिलना चाहिए। इसके बाद भी मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए 5 हजार 701 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। आपको मुख्यमंत्री की हिम्मत की दाद देनी चाहिए।

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