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भाई के जाते ही बहू और भतीजी पर बिगड़ी उसकी नीयत : पहले बहू और फिर मासूम भतीजी की इज्जत से खेला, घिनौने अपराधी को बचाने में लगा रहा चौकी प्रभारी

छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के कर्मचारी ने अपनी ही बेटी समान महज 13 साल की भतीजी को हवस का शिकार बना डाला। आरोपी पीड़िता का सगा ताऊ 'बड़े पिता' है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने मां इधर-उधर भटकती रही लेकिन सीएसईबी चौकी प्रभारी कार्रवाई के बजाए समय निकालने में लगे हुए थे। पढ़िए कोरबा से उमेश यादव की एक्सक्लूसिव रपट...

भाई के जाते ही बहू और भतीजी पर बिगड़ी उसकी नीयत : पहले बहू और फिर मासूम भतीजी की इज्जत से खेला, घिनौने अपराधी को बचाने में लगा रहा चौकी प्रभारी
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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में रिश्तों की गरिमा को तार-तार करने और सभ्य समाज को झकझोरने वाली एक घटना उजागर हुई है। साथ ही ऐसे घिनौने अपराधियों को भी बचाने की कोशिश करने वाले खाकी की ओट में छिपे समाज के दुश्मनों का चेहरा भी बेनकाब हुआ है। हुआ कुछ यूं है कि यहां छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के कर्मचारी ने अपनी ही बेटी समान महज 13 साल की भतीजी को हवस का शिकार बना डाला। आरोपी पीड़िता का सगा ताऊ 'बड़े पिता' है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने मां इधर-उधर भटकती रही लेकिन सीएसईबी चौकी प्रभारी कार्रवाई के बजाए समय निकालने में लगे हुए थे। मीडिया के माध्यम से एसपी तक जब बात पहुंची तब चौकी प्रभारी को मजबूर होकर कार्रवाई करनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले की कमान जब से एसपी भोजराम पटेल के हाथों में आई है, तब से अपराधों की विवेचना और उनके त्वरित निराकरण को लेकर जिले के सभी थाना, चौकी की पुलिस काफी गंभीर है। लेकिन कभी कभी ऐसे मामले सामने आ जाते हैं, जो अधिकारियों की कोशिशों पर पलीता लगा देते हैं। ऐसा ही कुछ सीएसईबी चौकी क्षेत्र में भी सामने आया है। यहां अपनी बेटी समान भतीजी को विद्युत कर्मी ने हवस का शिकार बना डाला। पति की मौत के बाद मां और बेटी अकेले हो गए थे, जिन पर जेठ दिलीप कर्केल की बुरी नजर थी। मौका पाकर उसने अपनी बहू के साथ बलात्कार भी किया, लेकिन लोकलाज के भय से उसने अपने साथ हुए कुकृत्य का दंश झेल गई। इस बीच मां कमाने खाने के लिए मिर्जापुर चली गई और अपनी बेटी की जिम्मेदारी जेठ पर छोड़ गई। मगर उसे क्या पता था, कि जिसकी सुरक्षा में वह अपनी बच्ची को छोड़ रही है वही राक्षस साबित होगा। मौका पाकर उसने अपनी भतीजी की भी अस्मत लूट ली। पुत्री के साथ हुए कुकृत्य की जानकारी जैसे ही मां को लगी, वैसे ही वो निजी वाहन से मिर्जापुर से कोरबा लौटी और पुत्री को न्याय दिलवाने सीएसईबी चैकी पहुंची। लेकिन चौकी प्रभारी कार्रवाई के बजाए उसे घुमाने लगा। मीडिया कर्मियों को जब यह बात पता चली तब उन्होंने एसपी तक मामला पहुंचाया। फिर क्या था एसपी का डंडा चला और मामले में तत्काल कार्रवाई हुई। पीड़िता की मां ने मीडिया के सहयोग की भूरी-भूरी तारीफ की है। पीड़िता की मां ने कहा- एसे मामलों में पुलिस को अपना निजी स्वार्थ छोड़कर संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने की जरुरत है। ताकि पुलिस के प्रति आमजन का भरोसा और भी मजबूत हो सके। देखिये वीडियो-




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