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दिव्यांगजनों की राह होगी आसान, सरकार देगी पेट्रोल चलित टू व्हीलर

छत्तीसगढ़ में रहने वाले द्विव्यांगों की राह अब आसान होगी। शारीरिक कमजोरी की वजह से एक से दूसरे स्थान पर जाने के लिए असहाय दिव्यांगों को सरकार ने पेट्रोल चलित टू व्हीलर दो अतिरिक्त पहियों के साथ देने वाली है। समाज कल्याण विभाग यह योजना संचालित करेगा।

अप्रेल से मई के बीच मंजूर योजना के लिए भी लेनी होगी सीएस समिति की मंजूरी
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सीएम भूपेश बघेल (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ में रहने वाले द्विव्यांगों की राह अब आसान होगी। शारीरिक कमजोरी की वजह से एक से दूसरे स्थान पर जाने के लिए असहाय दिव्यांगों को सरकार ने पेट्रोल चलित टू व्हीलर (स्कूटर स्कूटी) दो अतिरिक्त पहियों के साथ देने वाली है। समाज कल्याण विभाग यह योजना संचालित करेगा। योजना के तहत वही लोग पात्र होंगे जिनकी स्वयं के स्रोत से या आश्रित माता-पिता की मासिक आय 20 हजार रुपए से अधिक न हो।

प्रदेश में हैं सवा छह लाख दिव्यांग

भारत की जनगणना 2011 के अनुसार देश में दिव्यांग जनों की जनसंख्या 2 करोड़ 68 लाख है। यह देश की कुल जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत है। इसमें से छत्तीसगढ़ में कुल संख्या 6 लाख 24 हजार है। इनमें से 1.11 लाख दृष्टि बाधित, 1.20 लाख मूक बधिर, तथा 2.20 लाख अस्थि बाधित हैं।

ये है योजना का उद्देश्य

इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगता वाले लोगों के जीव स्तर में वृद्धि तथा आर्थिक समृद्दि में प्रगति लाना है। इस योजना के माध्यम से समावेशी समाज की परिकल्पना का सृजन होगा। यह यजोना राज्य के दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, समावेशीकरण के साथ सामाजिक न्याय को लक्ष्य में रखकर तैयार की गई है।

ये है योजना का लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक योजना के तहत पात्रतानुसार सभी दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित टू व्हीलर, स्कूटर, स्कूटी दो अतिरिक्त पहियों के साथ दी जाएगी। इसमें प्रदेश के सभी जिलों में न्यूनतम 50 और अधिकतम 200 नग टू व्हीलर प्रदाय की जाएगी। यह योजना पांच साल तक जारी रहेगी। इसके बाद योजना आगे जारी रखने के लिए प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।

ये होंगे पात्रता की श्रेणी में

योजना के तहत अध्यनरत छात्र-छात्राओं (18 से 40 वर्ष) को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन साथ ही ऐसे दिव्यांगजन जो रीढ़ की हड्डी में चोट, पोलियों से ग्रसित (विशेष रूप से निचले अंग से प्रभावित व्यक्ति) हैं। ऐसे दिव्यांग जिनके पास पूर्व में परंपरागत ट्राई साईकिल, अथवा बैटरी चलित मोटाराईज्ड ट्राई साईकिल उपलब्ध हों एवं इस योजना का लाभ लेना चाहते हों तो संबंधित विभागीय जिला कार्यालय में आवेदन देकर पेट्रोल चलित टू व्हीलर ले सकते हैं लेकिन एक साथ दोनों योजनाओं का लाभ नहीं ले सकते। दोनों योजनाओं का लाभ लेने में कम से कम तीन साल का अंतर होना चाहिए।


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