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छत्तीसगढ़ : लॉकडाउन के बाद GST रिवेन्यू में उछाल, 1,841 करोड़ का हुआ कलेक्शन

सितंबर 2019 में 1490 करोड़ रुपए के मुकाबले सितंबर 2020 में कुल जनसंख्या 1,841 करोड़ रुपए हुआ। पढ़िए पूरी खबर-

छत्तीसगढ़ : लॉकडाउन के बाद GST रिवेन्यू में उछाल, 1,841 करोड़ का हुआ कलेक्शन
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रायपुर। भारत सरकार ने गुरूवार को सितंबर 2020 के वस्तुय एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह आंकड़े पेश कर दिए हैं। सितंबर 2020 में कुल जीएसटी संग्रह 95,480 करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले साल इसी महीने की तुलना में 4 फीसदी ज्यादा है। ये आंकड़े केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। केंद्रीय जीएसटी रायपुर आयुक्तालय ने सितंबर 2020 में जीएसटी राजस्व के तौर पर 716 करोड़ रुपए एकत्रित किए हैं जबकि सितंबर 2019 में 547 करोड रुपए जीएसटी राजस्व एकत्रित किया गया था। यही नहीं राज्य के लिए सितंबर 2019 में 1490 करोड़ रुपए के मुकाबले सितंबर 2020 में कुल जनसंख्या 1,841 करोड़ रुपए हुआ है। इस प्रकार 24% की वृद्धि दर्ज की गई थी।

कोविड-19 महामारी के दौरान बीच में भारी उछाल देखने को मिला है। इसके पीछे नकली चालान जारी करने वालों के खिलाफ सीजीएसटी विभाग द्वारा दिखाई गई सख्ती है। इसके अलावा जीएसटी के भुगतान के संबंध में सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य विभिन्न छूटें भी सितम्बर के महीने में समाप्त हो गई हैं, जिसके कारण भी अधिक राजस्व एकत्र किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के ज्यादातर कारखानों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने का फायदा यह हुआ कि यहां देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिकांश उद्योगों में उत्पादन बहुत कम प्रभावित हुआ।

सरकार ने 1 अक्टूबर 2020 से 500 करोड़ के अधिक का टर्नओवर वाले बड़े करदाता के लिए जीएसटी प्रणाली के अंतर्गत ई-चालान लागू करने की भी घोषणा की है। उन सभी चरणों के लिए जो ऑनलाइन पोर्टल में तैयार नहीं किया गया। अक्टूबर के महीने के लिए कुछ छोड़ दी गई है इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी किए जाएंगे जीएसटी काउंसिल की 42 वी बैठक 5 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी बैठक कैलेंडर राजा स्थिति की समीक्षा करना है और जीएसटीएन (सिस्टम में संबंधित मामले) को सफल बनाते हैं। विभिन्न कानूनों और संबंधित मुद्दों को हल करने के तरीकों का पता लगाना है। इसके अलावा कौन से राज्य को मुआवजा उपकर प्रदान करने का मामला भी उठाएगी। कोविड-19 और आर्थिक मंदी के कारण राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को उधार लेने का विकल्प चुनने के साथ साथ किए गए इस संबंध में कुछ ठोस निर्णय होने की आशा है।

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